महिला अधिकारी पर लगाए गंभीर आरोप

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
भोपाल, 24 सितंबर 2026। भोपाल के जहांगीराबाद में वकील से मारपीट के मामले में निलंबन और एफआईआर के बाद थाना प्रभारी रहे राजन अहिरवार ने पहली बार सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी चुप्पी तोड़ी है। वीडियो में उन्होंने कहा कि लोग लगातार फोन कर घटना के बारे में पूछ रहे हैं, लेकिन पुलिसकर्मी होने के नाते सार्वजनिक मंच पर वह सब कुछ नहीं कह सकते। उन्होंने कहा कि “हर पुलिसवाला कहना चाहता है, हर व्यक्ति कहना चाहता है, पर सोशल मीडिया या सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर सब कुछ नहीं कह सकते। बहुत सारी पाबंदियां होती हैं।” अहिरवार ने कहा कि पूरा प्रकरण लोगों के सामने है और वे इस मामले में आगे साक्ष्यों और जानकारियों के साथ अपनी बात रखेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि अंततः वह इस प्रकरण से निकलेंगे।
‘हम किसी गलत काम के लिए सस्पेंड नहीं हुए’
अपने परिवार, रिश्तेदारों और गांव के लोगों को संबोधित करते हुए अहिरवार ने कहा कि उन्हें लेकर किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि “हम किसी गलत काम के लिए सस्पेंड नहीं हुए हैं और ना ही किसी आपराधिक मामले में ये सब हुआ है। उनका कहना था कि पूरा मामला सार्वजनिक है, इसलिए परिवार और परिचित चिंता न करें। उन्होंने कहा कि कुछ दिने से वह ठीक से सो नहीं पा रहे थे। लगातार फोन और संदेश आने के कारण उन्होंने शाम को फोन फ्लाइट मोड पर कर दिया और आराम किया। सुबह वीडियो बनाने का उद्देश्य उन लोगों को जवाब देना था जो उनकी स्थिति को लेकर चिंतित थे।
महिला अधिकारी पर लगाए गंभीर आरोप
वीडियो में अहिरवार ने बिना नाम लिए एक महिला अधिकारी को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जब तक उनका मामला चल रहा है, तब तक संबंधित अधिकारी को इससे दूर रखा जाए। उनका आरोप है कि उक्त अधिकारी ने शुरुआत से ही वरिष्ठ स्तर पर “मिसगाइड और मिसइन्फॉर्मेशन” दी। अहिरवार ने यह भी आरोप लगाया कि अपने पूरे कार्यकाल में उन्होंने देखा है कि संबंधित अधिकारी पुलिसकर्मियों का सहयोग नहीं करतीं और छोटी-छोटी बातों में मानसिक तनाव पैदा करती हैं। उन्होंने माना कि यह बात उन्हें खुले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नहीं कहनी चाहिए थी। उनका कहना था कि वह इसे लिखित रूप में भी कह सकते थे, लेकिन ऐसा करने पर उन पुलिसकर्मियों और थाना प्रभारियों की बात सामने नहीं आ पाती जो कथित तौर पर ऐसी परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। अहिरवार ने वीडियो में विभाग के उन अधिकारियों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने उनके साथ खड़े होकर सहयोग किया। उन्होंने कहा कि वह विभाग की कई मजबूरियों को समझते हैं, इसलिए फिलहाल बहुत कुछ कहना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी ऐसे हैं, जिन्होंने हर परिस्थिति में उनका साथ दिया, काम अच्छा होने पर पीठ थपथपाई और अभी भी उन्हें संबल दे रहे हैं। ऐसे अधिकारियों के प्रति उन्होंने विशेष आभार जताया।
‘बादल कितने भी घने हों, सूरज फिर रोशनी देता है’
अहिरवार ने जहांगीराबाद में अपने कार्यकाल को याद करते हुए स्थानीय लोगों और थाना स्टाफ का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान गुंडागर्दी, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने में जनता ने पुलिस का सहयोग किया। उन्होंने जहांगीराबाद को संवेदनशील क्षेत्र बताते हुए कहा कि यह पुराना रिहायशी इलाका है, जहां अलग-अलग वर्गों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं और त्योहार भी साथ मनाते हैं। उन्होंने रमजान, नवरात्रि और अलग-अलग जुलूसों के दौरान मिले सहयोग का भी उल्लेख किया। थाना स्टाफ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे उनसे मिलने नहीं आ सके, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि मुलाकात के दौरान भावुक माहौल बन सकता है। अपने वीडियो के अंत में अहिरवार ने कहा कि समय बदलता है और सत्य सामने आता है। उन्होंने कहा कि “बादल कितने भी घने क्यों न हों, कितने भी काले क्यों न हों, एक न एक दिन छटेंगे और सूरज वापस अपनी रोशनी प्राप्त करता है।” उन्होंने कहा कि वह साक्ष्यों और जानकारी के साथ आगे बढ़ेंगे और इस मामले से भी निकलेंगे।,
क्या है मामला?
जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में मंगलवार रात को वकील राकेश रावल और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद हुआ। रावल ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी उन्हें थाने ले गए, जहां उनके साथ डंडों से मारपीट की गई। वहीं, दूसरी तरफ एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें वकील के पुलिस अधिकारी को गाली देनी की बात कही जा रही है। इस मामले में वकीलों ने थाने में जमकर प्रदर्शन किया। जिसके बाद रावल की शिकायत के आधार पर थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार और दो आरक्षकों यश लखेरा व राम स्वरूप के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में मारपीट से गंभीर चोट लगने का आरोप लगाया गया है। वहीं, जोन-1 डीसीपी अखिल पटेल ने टीआई राजन अहिरवार और दोनों आरक्षकों को निलंबित कर दिया। घटना की प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं और सात दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। इस घटना के विरोध में करीब 50 वकीलों ने बुधवार तड़के करीब तीन बजे तक जहांगीराबाद थाने के बाहर प्रदर्शन किया। इसके बाद जिला अदालत के बाहर भी विरोध प्रदर्शन हुआ। वकीलों ने सड़क पर प्रदर्शन कर यातायात प्रभावित किया। वहीं, मामले में वकील राजन रावल के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, निलंबित टीआई राजन अहिरवार ने बाद में सोशल मीडिया वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा और मामले में एक महिला अधिकारी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।


