
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
नई दिल्ली 10 फरवरी 2026। संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध गहराता जा रहा है। राहुल गांधी के सदन में न बोलने देने का आरोप लगाकर विपक्ष हंगामा कर रहा है और अब सत्ता पक्ष ने सदन में विपक्षी सांसदों के आक्रामक व्यवहार का मुद्दा बना लिया है। केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू के ताजा बयान से तो ऐसा लगता है कि बीती 4 फरवरी को लोकसभा में काफी उग्र माहौल था। रिजिजू ने दावा किया कि उन्हें अपने सांसदों को विपक्षी सांसदों के साथ धक्का-मुक्की न करने को कहना पड़ा था।
भाजपा की महिला सांसदों ने स्पीकर को लिखी चिट्ठी
सोमवार को विपक्ष की महिला सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर स्पीकर पर पक्षपाती होने का आरोप लगाया था। जिसके बाद मंगलवार को भाजपा की महिला सांसदों ने भी लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखा है और लोकसभा में उग्र व्यवहार करने के लिए विपक्षी सांसदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जब इसे लेकर किरेन रिजिजू से सवाल किया गया तो उन्होंने भी विपक्षी सांसदों के रवैये की आलोचना की। उन्होंने कहा, भाजपा सांसद खासकर महिला सांसदों ने कांग्रेस सांसदों के रवैये के खिलाफ लोकसभा स्पीकर से शिकायत की है।
रिजिजू ने बताया 4 फरवरी को सदन में था अव्यवस्था का माहौल
- रिजिजू ने कहा, ‘कांग्रेस के सांसद सत्ता पक्ष (ट्रेजरी बेंच) की तरफ चले गए थे।’
- ‘वे प्रधानमंत्री की सीट तक पहुंच गए। उन्होंने एक तरह से सत्ता पक्ष की बेंच का लगभग घेराव कर लिया था।’
- ‘हमें अपने भाजपा और एनडीए सांसदों को नियंत्रित करना पड़ा था। भाजपा की महिला सांसद, कांग्रेस सांसदों के इस व्यवहार से बेहद आक्रोशित थीं। हमने अपने सांसदों को धक्का-मुक्की करने से रोका।’
- ‘इसके बाद विपक्षी सांसद स्पीकर के चेंबर में गए और उन्हें धमकाया। भाजपा की महिला सांसदों ने शिकायत की है। देखते हैं कि स्पीकर इस पर क्या कार्रवाई करते हैं।’


