साक्षरता का नया अर्थ: जब जानकारी बने किसानों की ताकत

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
अनिल बेदाग
पालघर/मुंबई, 08 सितंबर 2026। साक्षरता अब सिर्फ पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं रही। अपने अधिकारों को समझना, जरूरी दस्तावेजों की जानकारी रखना और सही समय पर सही फैसला लेना भी साक्षरता का अहम हिस्सा है। खासकर किसानों के लिए जागरूकता उनकी जमीन, आजीविका और भविष्य से सीधे जुड़ी है।
इसी सोच को आगे बढ़ा रही है खावड़ा 4C पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड, जो परियोजना से जुड़े किसानों को भूमि मुआवजा प्रक्रिया, स्वामित्व रिकॉर्ड, जरूरी दस्तावेज और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है। भिवंडी तालुका में पोट हिस्सा सर्वेक्षण इसका प्रभावी उदाहरण है। TILR और SDM भिवंडी के सहयोग से 16 में से 15 गांवों में 115 में से 105 सर्वे नंबरों का महज तीन दिनों में मानचित्रण किया गया। इससे सत्यापित स्वामित्व रिकॉर्ड के आधार पर मुआवजा प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिली।
निनाद पितले (सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं ग्रुप हेड, कॉर्पोरेट अफेयर्स, खावड़ा 4C पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड) कहते हैं, “साक्षरता सिर्फ पढ़ने और लिखने तक सीमित नहीं है। अपने अधिकारों, जिम्मेदारियों और आजीविका से जुड़ी प्रक्रियाओं को समझना भी उतना ही जरूरी है। जागरूक किसान ही सशक्त किसान है। लगातार संवाद और सही जानकारी से भ्रांतियां दूर होती हैं और समुदाय विकास प्रक्रिया में अधिक भरोसे व आत्मविश्वास के साथ भागीदार बनता है।”

