अरबों के कोयला घोटालेबाज होंगे सीबीआई के शिकंजे में

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कोयला घाेटाले में अब सरकार को घेरने की तैयारी, कोल माफिया व भ्रष्ट अधिकारियों पर गिरेगी गाज

भागवत जायसवाल, बिलासपुर (छ.ग.)

‘छत्तीसगढ़ रिपोर्टर’ ने 18 जुलाई से 24 जुलाई 2005 के अंक में ‘अरबों के कोयला घोटालेबाज होंगे सीबीआई के शिकंजे में’ कोयला घाेटाले में अब सरकार को घेरने की तैयारी के शीर्षक से पांचवां बड़ा खुलासा किया था। जिसमें  एसईसीएल में हो रही घोटाले के बारे में विभिन्न पार्टियों के सांसदों ने पुख्ता प्रमाण के साथ प्रधानमंत्री, कोयला मंत्रालय, सीबीआई को भेजे गए पत्र में लिखा है कि यहां सालाना लगभग 10 अरब का कोयला घोटाला किया जा रहा है। इसलिए सी.एम.डी. को तत्काल हटाकर सीबीआई से जांच कराई जाए। मालूम हो कि ‘छत्तीसगढ़ रिपोर्टर’ ने 11 से 17 अप्रैल 2005 के अंक में ‘सीएमडी पर सीबीआई का शिकंजा’, कोल माफिया व अधिकारियों में मचा हड़कंप के शीर्षक से चौथा खुलासा किया था जिसमें  6 अप्रैल 2005 को सीबीआई की टीम ने सी.एम.डी. के निवास व कार्यालय पर छापा मारकर घंटों पूछताछ की जिसमें कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगे और साथ ही बैंक एकांउट, लॉकर को सील कर जांच शुरू कर दी, लेकिन यहां से सी.एम.डी. का स्थानांतरण नहीं किया गया है, जिसके चलते जांच प्रभावित होने की प्रबल संभावना है। छापा पड़ने की भनक एक सप्ताह पूर्व सी.एम.डी. एवं कोलमाफिया को लग गयी थी। यह छापा एस.ई.सी.एल. एवं सी.सी.एल. के कार्यकाल में हुई घोटाले की जांच के सिलसिले में मारा गया उसे भी दबाने में लग गए। फिर ‘छत्तीसगढ़ रिपोर्टर’ ने 18 जुलाई से 24 जुलाई 2005 के अंक में ‘अरबों के कोयला घोटालेबाज होंगे सीबीआई के शिकंजे में’ कोयला घाेटाले में अब सरकार को घेरने की तैयारी के शीर्षक से पांचवां बड़ा खुलासा किया जिसमें  विभिन्न पार्टियों के सांसदों द्वारा एसईसीएल में सालाना 10 अरब रुपए का कोयला घोटाले के संबंध में प्रधानमंत्री, कोयला मंत्रालय, सीबीआई को पुख्ता प्रमाण के साथ कार्यवाही के लिए लिख्रे गए पत्रों को ‘छत्तीसगढ़ रिपोर्टर’ ने प्रकाशित किया। इसके बाद कोयला मंत्रालय एवं कोल माफियाओं में भारी हड़कंप मच गया। फिर ‘छत्तीसगढ़ रिपोर्टर’ ने 1 से 7 अगस्त 2005 के अंक में ‘‘देश के सबसे बड़े कोयला घोटाले में शामिल कोल माफियाओं एवं अधिकारियों पर क्यों नहीं हो रही कार्रवाई ’’ सीएमडी के बचाव में जोगी ने सोनिया को लिखा पत्र के शीर्षक से छठवां बड़ा खुलासा किया। उसके बाद कोयला मंत्रालय अपनी साख बचाने के लिए बड़ी कार्रवाई करने  में लग गया।  इधर ‘छत्तीसगढ़ रिपोर्टर’ परत-दर-परत इस घोटालों से पर्दा उठाते जा रहा था औरइस खुलासों को आमजनों तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय न्यूज चैनल जी न्यूज, आज तक, एनडीटीवी, स्टार न्यूज, सहारा समय और ई टीवी में  ‘छत्तीसगढ़ रिपोर्टर’ के इन बड़े-बड़े खुलासों को हर सप्ताह विज्ञापन के रूप में दिखाया जाता था । कुछ न्यूज चैनलों में दिखाए जा रहे उस विज्ञापनों को घोटालेबाजों द्वारा रोकवाया भी गया ।  इधर ‘छत्तीसगढ़ रिपोर्टर’ ने खुलासा लगातार जारी रखा था।

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