
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
बिलासपुर 28 सितंबर 2022। नौ दिनों तक चलने वाले इस विशेष उत्सव में मां दुर्गा के नौ रूपों की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। मां को प्रसन्न करने के लिए भक्त व्रत रखते हैं। व्रत रखने का आध्यात्मिक और चिकित्सकीय दोनों रूपों में विशेष लाभ का जिक्र मिलता है। पाचन क्रिया को ठीक रखने से लेकर मन की शांति तक के लिए विशेषज्ञों ने व्रत रखने के लाभ के बारे में बताया है। हालांकि कुछ लोगों को व्रत के दौरान लंबे समय तक खाली पेट रहने के कारण कब्ज, पेट में गैस बनने और थकान-कमजोरी की दिक्कतों का अनुभव हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, व्रत करते समय अपनी सेहत का ध्यान रखना भी सभी लोगों के लिए अति आवश्यक हो जाता है। फलाहार व्रत करते समय कुछ बातों का अगर ध्यान रखा जाए तो कब्ज और पेट की अन्य तरह की दिक्कतों से बचाव किया जा सकता है। यदि आप भी नवरात्र का व्रत कर रहे हैं तो इन उपायों के बारे में जान लेना आपके लिए भी आवश्यक है, जिससे नवरात्र उत्सव के दौरान आपकी सेहत से किसी प्रकार का समझौता न होने पाए।

शरीर को हाइड्रेटेड रखना बहुत जरूरी
व्रत के दौरान भी शरीर के हाइड्रेशन का ध्यान रखा जाना बहुत आवश्यक हो जाता है, इसके लिए समय-समय पर पानी पीते रहना चाहिए। पानी पीते रहने से रक्तचाप नियंत्रित रखने में मदद मिलती है जिससे थकान-कमजोरी की दिक्कत कम होती है। तीन से चार लीटर पानी पीने की आदत पाचन स्वास्थ्य के लिए भी कई प्रकार से लाभकारी मानी जाती है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से कब्ज और पेट की अन्य समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।

आहार में फाइबर वाली चीजों की बढ़ाएं मात्रा
व्रत के दौरान आप जिन चीजों का भी सेवन कर रहे हैं, कोशिश करें कि उसमें से अधिक से अधिक चीजें फाइबर से भरपूर होनी चाहिए। सेब, केला-एवोकाडो जैसे फल, सूखे मेवे, खीरा आदि में फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है। इन चीजों के सेवन से गैस्ट्रिक सिस्टम को नियंत्रित करने और आंतों को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है। कब्ज और पाचन स्वास्थ्य की अन्य कई तरह की समस्याओं के जोखिम को कम करने में इन चीजों का सेवन आपके लिए विशेष लाभकारी हो सकता है।

कॉफी या चाय के ज्यादा सेवन से होती है कब्ज
व्रत के दौरान शरीर को रिफ्रेश और ऊर्जावान रखने के लिए यदि आप भी कॉफी या चाय का अधिक सेवन करते हैं तो सावधान हो जाइए, कैफीन युक्त इन चीजों का खाली पेट सेवन गैस की समस्या को काफी बढ़ा सकता है। बहुत अधिक चाय या कॉफी पीने से बचें। इनके अधिक सेवन की आदत शरीर को निर्जलित भी करता है, जिसके कारण कई तरह की पाचन समस्याओं और एसिडिटी का खतरा बढ़ जाता है।

रात में अच्छी नींद लेना बहुत आवश्यक
व्रत के दौरान गंभीर थकान-कमजोरी से बचे रहने के लिए रात की नींद अच्छी लेना बहुत आवश्यक माना जाता है। नींद पूरी होने से शरीर स्वस्थ और फुर्तीला रहता है। इतना ही नहीं अच्छी नींद मेटाबॉलिज्म को भी उत्तेजित करके पाचन स्वास्थ्य को ठीक रखने में मदद करती है। सभी लोगों के लिए रोजाना रात में 6-8 घंटे की निर्बाध नींद प्राप्त करना बहुत आवश्यक हो जाता है।