
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
बिलासपुर 28 सितंबर 2022। हार्ट अटैक का खतरा कम उम्र के लोगों में भी बढ़ता जा रहा है, विशेषज्ञ कहते हैं पिछले कुछ वर्षों में ऐसे मामले तेजी से बढ़ते हुए देखे गए हैं, यह निश्चित ही गंभीर संकेत है। इस तरह के जोखिमों को ध्यान में रखते हुए सभी उम्र के लोगों को हृदय की सेहत का ख्याल रखने पर विशेष ध्यान देते रहने की आवश्ययकता है। हाल ही में कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को जिम में हार्ट अटैक आया, जिसके बाद अस्पताल में उनका लंबा इलाज चला, हालांकि उन्हें बचाया नहीं जा सका।
इससे पहले अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला की भी मौत हार्ट अटैक के कारण हो गई थी, गौरतलब है कि इन लोगों की उम्र कम थी। यही कारण है कि डॉक्टर्स सभी लोगों को हृदय रोग और हार्ट अटैक के संकेतों और जोखिम कारकों के बारे में जानने और उससे बचाव के उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। हृदय रोग के बढ़ते खतरे के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 29 सितंबर को वर्ल्ड हार्ट डे मनाया जाता है। अक्सर सुबह उठने के समय लोगों को कई ऐसी समस्याओं का अनुभव हो सकता है, जिसे हार्ट अटैक के संभावित जोखिम के तौर पर देखा जाता है। चूंकि यह समस्या कम उम्र के लोगों में भी बढ़ती जा रही है, ऐसे में सभी लोगों को इस तरह के संकेतों पर ध्यान देते रहने की आवश्यकता है। आइए इस बारे में विस्तार से समझते हैं।
बेचैनी या सीने में दर्द की समस्या
दिल का दौरा पड़ने या इसके शुरुआती संकेत में अक्सर लोगों को सीने में दर्द या बेचैनी महसूस होती है। छाती में दबाव, जकड़न या भारीपन जैसा महसूस हो सकता है। कुछ लोगों को दर्द का अनुभव भी होता है जो बाएं हाथ, गर्दन, जबड़े, पीठ या पेट तक फैल सकता है। इन स्थितियों पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता होती है, ये साइलेंट हार्ट अटैक या फिर हार्ट अटैक का भी संकेत हो सकते हैं। इन लक्षणों के बढ़ने से पहले किसी विशेषज्ञ की सहायता जरूर ले लें।
सुबह के समय हार्ट अटैक का जोखिम
डॉ अभय बताते हैं, हार्ट अटैक की कुछ स्थितियां साइलेंट भी हो सकती हैं, ऐसी स्थितियों में सामान्यतौर पर कोई गंभीर लक्षण नजर नहीं दिखते हैं। अधिकांश मामलों में दिल के दौरे सुबह होते हैं, यह एक ऐसी घटना है जिसे शोधकर्ताओं ने सर्कैडियन रिदम से जोड़ा है। सुबह के वक्त में कुछ हार्मोन, विशेष रूप से एपिनेफ्रीन, नॉरपेनेफ्रिन और कोर्टिसोल में असंतुलन हो सकता है जिसके कारण रक्तचाप बढ़ने लग जाती है। यह स्थिति हार्ट अटैक का कारण बन सकती है। इसके अलावा यदि आपको सुबह के समय कुछ विशेष लक्षणों का अनुभव होता रहता है तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें। आइए इस बारे में जानते हैं।
सुबह के समय मतली या उल्टी
सुबह के समय मतली या उल्टी के साथ पेट दर्द भी हो सकता है। छाती में असहजता के साथ होने वाले इस प्रकार के अनुभव के मामले में विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है। हार्ट अटैक के शुरुआती संकेतों में अक्सर लोगों ने मतली जैसे अनुभवों की शिकायत की है। सुबह के समय अक्सर होने वाली ऐसी दिक्कतों के बारे में किसी विशेषज्ञ से सहायता जरूर ले लें। ऐसा करके आप किसी गंभीर जोखिम से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
अधिक पसीना होना
यदि आपको सुबह के समय अक्सर पसीना जैसा महसूस होता रहता है तो इस बारे में तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर कहते हैं, धमनियों में होने वाली बाधा के कारण शरीर में रक्त के प्रवाह के लिए आपके हृदय को अधिक दबाव के साथ मेहनत करनी पड़ती है। इस तरह की अतिरिक्त मेहनत में शरीर के तापमान को कम रखने के लिए शरीर से अधिक पसीना आ सकता है। यदि आप सुबह या आधी रात में अक्सर ठंडे पसीने का अनुभव करते हैं, तो इस बारे में तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें, यह गंभीर स्थितियों का संकेत भी हो सकता है।