
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
कोलकाता 17 मार्च 2022। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने टीएमसी प्रमुख व बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के भतीजे व पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी व उनकी पत्नी रुजिरा को तलब किया है। ईडी ने बनर्जी दंपती को अगले सप्ताह पूछताछ के लिए पेश होने को कहा है। पूछताछ की जाएगी। सांसद अभिषेक व रुजिरा बनर्जी को अगले सप्ताह जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने को कहा गया है। इससे पहले 10 सितंबर 2021 को उन्हें तलब किया गया था। बनर्जी दंपती ने कोर्ट में अर्जी दायर कर कहा था कि चूंकि वे पश्चिम बंगाल में रहते हैं, इसलिए उन्हें दिल्ली में पेश होने के लिए तलब नहीं किया जाना चाहिए। सितंबर 2021 में बनर्जी से दिल्ली स्थित ईडी कार्यालय में ही पूछताछ की गई थी।
सीबीआई द्वारा नवंबर 2020 में दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दायर किया है। इसमें करोड़ों रुपये की कोयला चोरी का आरोप है। इससे पहले सीबीआई ने 15 मार्च 2021 को अभिषेक बनर्जी की साली मेनका के पति अंकुश और ससुर पवन अरोड़ा को भी पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था।
बनर्जी को मिली अवैध राशि? अनूप मांझी मुख्य किरदार
इस केस में अनूप माझी उर्फ लाला मुख्य संदिग्ध है। ईडी ने पहले दावा किया था कि अभिषेक बनर्जी इस अवैध व्यापार से प्राप्त धन का लाभ उठाया, जबकि उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है।
क्या है कोयला घोटाला
27 नवंबर 2020 को CBI की कोलकाता एंटी करप्शन ब्रांच ने पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में अवैध खनन और उसकी ढुलाई से जुड़ा मामला दर्ज किया था। इन हिस्सों में खनन की जिम्मेदारी कोल इंडिया लिमिटेड के स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ईसीएल को दी गई थी। ईसीएल की एक टीम ने अपनी जांच में पाया कि पट्टे क्षेत्र में व्यापक रूप से अवैध कोयला खनन और उसकी ढुलाई हो रही है। इसके बाद यहां बड़े पैमाने पर कोयले की जब्ती की गई। आसनसोल से लेकर पुरुलिया और बांकुरा तक और झारखंड में धनबाद से लेकर रामगढ़ तक कोल पट्टी में कई ऐसी खदानें हैं जहां खनन कार्य बंद था लेकिन खनन माफिया अवैध तरीके से काम कर रहे थे। नवंबर 2020 में सीबीआई ने ईसीएल के कई अधिकारियों समेत रेलवे और सीआईएसएफ के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।