डीएफओ मनेन्द्रगढ़ गिरने की कगार पर खड़े सैकडों वृक्षों की सुरक्षा के लिए पत्र लिखकर कर्तव्यनिष्ठा निभा रहे हैं परंतु विभागीय उच्चस्तर पर रिटरनिंग वाल निर्माण के लिए बजट स्वीकृति में देरी क्यों ?

Chhattisgarh Reporter
शेयर करे

हमारी पूर्व प्रकाशित खबर को गंभीरता से लेकर डीएफओ मनेन्द्रगढ़ ने राष्ट्रीय राजमार्ग को लिखा पत्र।

सैकड़ो वृक्षों को सुरक्षित व संरक्षित करने के लिए जिला कोरिया कांग्रेस कमेटी के महामंत्री शैलेन्द्र सिंह ने वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मो. अकबर को भेजा पत्र। 

कांग्रेस जिला महामंत्री के द्वारा किए मांग पत्र के पश्चात पुनः डीएफओ मनेन्द्रगढ़ ने राष्ट्रीय राजमार्ग लिखा निर्देशित पत्र।  

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर/ साजिद खान

कोरिया 11 सितम्बर 2021। एक जुलाई 2021 को ” सैकड़ो छोटे बडे वृक्ष कोरिया वनमंडल के जमद्वारी घाट के पहाड पर और मनेन्द्रगढ़ वनमंडल के नर्सरी के पहाड पर गिर सकने की अवस्था में अपनी जड़ को पकड़े खडे हैं।” शीर्षक से पूर्व प्रकाशित हमारी खबर को मनेन्द्रगढ़ वनमंडल के वनमंडलाधिकारी ने गंभीरता से लेकर नेशनल हाइवे के कार्यपालन अंभियंता अम्बिकापुर को पत्र क्रमांक/ त. अ./2021/2722 दिनांक 2 जुलाई 2021 के तहत पत्र लिखकर कहा कि एन.एच.- 43 कटनी- गुमला राजमार्ग (मनेन्द्रगढ़ छत्तीसगढ़/मध्यप्रदेश ) सीमा से डुमरिया तक के प्रकरण में लीनियर प्रस्ताव होने के कारण अ.प्र.मु.व.सं (भू- प्रबंध/व.सं.अ.) छत्तीसगढ़ का पत्र क्रमांक/ भू- प्रबंध/विविध/115-645/794 रायपुर, दिनांक 28.04.2020 एक वर्ष के लिए अनुमति दी गई। कार्य करने के दौरान कई स्थलों पर वन विभाग की चैनलिंक, फेंसिग, एवं नर्सरी जाने का रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। इसे तत्काल सहीं कराएं। साथ ही ऐसी शिकायत प्राप्त हो रही है कि कई स्थलों पर घाटी में सीधी कटिंग किया गया है। जिससे भू-क्षरण / कटाव बढने तथा खडे वृक्ष गिरने की कगार पर हैं। अत: वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ संयुक्त निरिक्षण कराके आवश्यकतानुसार भू-क्षरण/कटाव को रोकने को हेतू समुचित उपाए करें। 

सवाल यह पैदा होता है कि क्षरण/कटाव को रोकने के हेतू समुचित उपाय के लिए दस्तावेजी प्रकिया में धीमी गति क्यों ? जैसे एक इंसान की जान को बचाने के लिए खर्च कर गंभीरता से इलाज किया जाता है वैसे ही वर्षों से पहाड़ों पर गिरने की अवस्था में खड़े वृक्षों को सुरक्षित व संरक्षित करने वाले इलाज के बजट स्वीकृति में देरी क्यों ? जबकि जंगलों में करोड़ों रूपए का बजट वृक्षारोपण के नाम पर फूंक दिया जाता है तो वर्षों से जमे आज धाराशाही हो सकने की कगार खड़े वृक्षों को सुरक्षित व संरक्षित करने में देरी क्यों ? वन एवं जलवायु परिवर्तन के अधिकारी वन की जमीन पर वर्तमान में गिरने की अवस्था में खडे वृक्षों को क्या धीरे-धीरे एक-एक कर करके गिरता देखना चाहते हैं ? 

पूर्व प्रकाशित खबर में हमने बताया था कि नेशनल हाइवे 43 पर सड़क चौरीकरण निर्माण में जिस बेतरतीबी से मशीनों के द्वारा पहाड़ों की कटिंग कर मार्किंग किए गए वृक्षों को काटा गया है। कटिंग करने में मार्किंग किए गए वृक्षों के पीछे खड़े सैकडों छोटे बडे वृक्षों को नजर अंदाज कर दिए जाने के कारण वर्तमान में गिर सकने स्थिति में आकर खडे हो गए हैं। बेतरतीबी से कटिंग के कारण पहाड़ के बोल्डर मार्ग में गिरते रहते हैं। जिनको मार्ग के किनारे जमा दिया गया है। 

पूर्व में प्रकाशित खबर

वर्तमान में खतरे की सूचना बतौर नेशनल हाइवे 43 पर बोर्ड लगा दिया गया है कि कृपया धीरे चलें। देखकर चलें व रूककर चलें। यहां भूस्खलन क्षेत्र है। नेशनल हाइवे में अपनी रफ्तार से दौड़ती गाड़ियां अचानक उसी स्थल पर जिस स्थल पर बोर्ड लगा है। वाहन अपनी रफ्तार को कितना धीमा कर पाएंगे ? निर्मित सडक के किनारे बोर्ड लगाकर बोर्ड में सावधानी के शब्द लिखकर इतिश्री कर ली गई है। क्या इतने लिख भर देने से इतिश्री हो जाती है ? या कि वर्षों से पहाड़ों पर उगे वर्तमान में गिरने के मुहाने पर पहुंचा दिए गए खडे हुए वृक्षों कों संरक्षित व सुरक्षित करने की जरूरत है। क्या इन वृक्षों को सुरक्षित करने के लिए वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग रिटरनिंग वाल का निर्माण करवाएगा ? क्योंकि मार्किंग वृक्षों की क्षतिपूर्ति मिलने के पश्चात वर्तमान में डेमेज स्थिती के लिए वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग रिटरनिंग वाल का निर्माण करवाकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर दौडने वाले वाहनों में जनहित की सुरक्षा और कहीं वृक्षों की सुरक्षा कर कई वर्षों से जमें उगे वृक्षों को संरक्षित कर सकता है। क्योंकि जब इसी विभाग में वृक्षारोपण के नाम पर करोड़ों रूपयों की राशि खर्च कर दी जाती है तो वृक्षों को बचाने व सुरक्षित करने में राशि क्यों नही खर्च की जा सकती है ! 

इस मामले में कोरिया जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री शैलेंद्र कुमार सिंह ने वन एवं पर्यावरण मंत्री मो. अकबर को पत्र भेजे गए अपने पत्र में बताया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-43 कटनी से गुमला चांडिक कोरिया वनमंडल के जंगलों और मनेन्द्रगढ़ वनमंडल के जंगलों से गुजरता है। जिससे वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्ग-43 का सड़क चौरीकरण निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस सड़क निर्माण कार्य के दौरान मनेन्द्रगढ़ वनमंडल के जंगल में नर्सरी के पहाड एवं कोरिया वनमंडल के जंगल में जमद्वारी घाट के पहाड़ पर मार्किंग किए गए वृक्षों को मशीनों द्वारा गिराया गया है। जिसकी क्षतिपूर्ति की राशि भी राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा वनमंडलों को अदा की जा चुकी होगी। परंतु पहाड़ों को इतनी बेतरतीबी से कटिंग किया गया है कि मार्किंग किए गए वृक्षों के पीछे कई वर्षों से खड़े छोटे-बड़े वृक्षों को लगता है कि गिर सकने की अवस्था में अनदेखी की गई। आज की स्थिती में परिणाम यह है कि वर्षों से जमें हुए कई छोटे बड़े वृक्ष गिर जाने की अवस्था में आ चुके हैं। जो देखने से ही समझ आ रहा है। कुछ जगह में भू- स्खलन की स्थिती बन चुकी है। सावधानी के लिए सड़क पर भू- स्खलन क्षेत्र है का बोर्ड लगा दिया गया। इसी बरसात में कुछ वृक्ष अपनी जड़ों को छोडकर गिर भी चुके हैं और इसी बरसात में पहाड़ से बड़े- बड़े बोल्डर कभी भी गिरते रहते हैं जो कि सड़क के किनारे पर जमा हैं। यहां बहुत ही खतरे वाली जगह बन चुकी है। माननीय इस स्थल के डैमेज वस्तुस्थति का मूल्यांकन कर राष्ट्रीय राजमार्ग से डैमेज की जल्द से जल्द राशि की मांग कर दोनो वनमंडलों के पहाड़ों पर जमे वृक्षों को संरक्षित व सुरक्षित करने के लिए ऊंची रिटरनिंग का वाल निर्माण नही कराया जा सकता है ? माननीय यदि प्रकिया को जल्द से जल्द कर लिया जाता है तो दोनो वनमंडलों के पहाड़ों पर जमें सैकड़ों छोडे- बड़े वृक्ष सुरक्षित व संरक्षित हो सकेंगे और इस मार्ग से आने जाने वाले लोग व वाहन भी सुरक्षित रहें।

 महामंत्री के द्वारा लिखे गए पत्र के पश्चात पुन: पत्र क्रमांक/त.अ./2021/2831 मनेन्द्रगढ़ 8 सितम्बर 2021 के तहत मनेन्द्रगढ़ वनमंडलाधिकारी ने शैलेन्द्र कुमार सिंह जिला महामंत्री जिला कांग्रेस कमेटी कोरिया के पत्र पर संज्ञान लेते हुए कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग को पत्र लिखकर निर्देशित किया कि जिला महामंत्री के द्वारा मांग की गई है कि राष्ट्रीय राजमार्ग- 43 कटनी से गुमला का सड़क चौडीकरण निर्माण कार्य किया गया है। सड़क निर्माण कार्य के दौरान मनेन्द्रगढ़ वनमंडल के हसदो नर्सरी के पास व पहाड़ी क्षेत्र में मशीनो के द्वारा घाट कटिंग के दौरान तीव्र स्लोप किया गया है। जिससे मार्किंग किए गए वृक्षों के पीछे छोटे- बड़े वृक्ष गिरने की कगार पर हैं। साथ ही भू- स्खलन से बड़े- बड़े चट्टान गिर कर सडक पर आ रहे हैं। इस प्रकार वनों एवं आम जनता की सुरक्षा की मांग की गई है। इस प्रकार की शिकायत बार- बार इस कार्यालय के संज्ञान में आ रहा है। इस कार्यालय के संदर्भित पत्र के द्वारा भी लेख किया जा चुका है। इस संबंध में आप को पुनः निर्देशित किया जाता है कि स्थलों का संयुक्त जांच कराकर गिरने वाले वृक्षों की संख्या , गिरने की कगार पर वृक्षों की संख्या , तीव्र घाट कटिंग वाले स्थलों की संख्या जहां पर रिटेनिंग वाल का निर्माण किया जा सके। उक्त बिंदुओं पर संयुक्त स्थल जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।

Leave a Reply

Next Post

पंजशीर नेता अहमद मसूद ने नहीं छोड़ा अफगानिस्तान, 70 फीसदी क्षेत्रों पर तालिबान का कब्जा

शेयर करे छत्तीसगढ़ रिपोर्टर काबुल 12 सितम्बर 2021। पंजशीर प्रतिरोध बलों के नेता अहमद मसूद ने अफगानिस्तान नहीं छोड़ा है शनिवार को सूत्रों के हवाले से इसकी जानकारी दी है।मसूद के मध्य एशियाई देश छोड़कर तुर्की या किसी अन्य स्थान पर जाने की खबर महज अफवाह है। बताया जा रहा […]

You May Like

महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगी नई पीढ़ी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय....|....विधानसभा में अफीम की खेती मुद्दे पर हो रहा हंगामा....|....सऊदी की ईरान को खुली चेतावनी- हमले जारी रहे तो होगा “सबसे बड़ा नुकसान”....|....'बिना किसी भेदभाव के सभी को न्याय मिलेगा...' जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं जनसमस्याएं; दिए ये निर्देश....|....मुख्यमंत्री साय ने महतारी वंदन योजना की 25वीं किस्त की जारी, 641 करोड़ रुपये अंतरित....|....छत्तीसगढ़ में बालोद कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, जयस्तंभ चौक सील; पुलिस बल तैनात....|....शक्ति की समृद्धि: आर्थिक आत्मनिर्भरता देगी नारी शक्ति को नई उड़ान, घर से बदलाव की शुरुआत....|....हिंदू युवतियों का धर्मांतरण: संदिग्ध आतंकी से पूछताछ, ये हैं वो सवाल, जिनके अयान जावेद ने नहीं दिए जवाब....|....अमरोहा: मटर प्लांट में अमोनिया गैस का रिसाव, छह महिलाओं कर्मियों की हालत बिगड़ी, अन्य में मची भगदड़....|....कोच के तौर पर भी चैंपियन गंभीर: दो आईसीसी ट्रॉफी दिलाने वाले पहले भारतीय कोच बने गौतम, आलोचकों को दिया जवाब