राजकमल प्रकाशन ने दर्ज कराई एफआईआर

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
हाथरस, 09 अक्टूबर 2026। सांसद अनूप प्रधान के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर कर पुस्तक खरीद के नाम पर 11 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। राजकमल प्रकाशन समूह के मुख्य परिचालन अधिकारी ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई और रुपये वापस दिलाने की मांग की है।
मुकेश कुमार निवासी नई दिल्ली ने तहरीर में बताया कि वह पिछले 17 वर्षों से राजकमल प्रकाशन समूह में कार्यरत हैं और वर्तमान में मुख्य परिचालन अधिकारी के पद पर हैं। उनका पहला परिचय विमल गौतम से चार अगस्त 2026 को सांसद अनूप प्रधान के दिल्ली आवास 11 विंडसर पैलेस पर हुआ था। वे सांसद निधि से पुस्तक क्रय के संबंध में मिलने गए थे।
अगले दिन सुबह साढे सात बजे विमल गौतम ने फोन कर कहा कि सांसद जी से बात हो गई है और पुस्तक क्रय का कार्य मिलने वाला है। आठ अगस्त को दोपहर विमल गौतम ने सांसद का लेटर हेड दिया और कार्य दिलाने के बदले 11 लाख रुपये की मांग रखी। प्रकाशन हित को देखते हुए वह सांसद के हस्ताक्षर और ई-साक्षी पोर्टल पर अपलोड होने के वादे पर सहमत हो गए।
अगले दिन हाथरस में सांसद से लेटर पर हस्ताक्षर कराने के नाम पर विमल गौतम ने 11 लाख रुपये ले लिए और कहा कि जल्द ही लेटर अपलोड कर सूचित करेंगे। 25 अगस्त को ई-साक्षी पोर्टल पर अपलोड का स्क्रीनशाट व्हाट्सएप किया गया, जो फर्जी लगा।
शक होने पर कंपनी मालिक अशोक माहेश्वरी के साथ सात सितंबर को दिल्ली आवास पर सांसद से मुलाकात की तो पता चला कि लेटर हेड पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।


