बल्लेबाजों ने लुटिया डुबोई, गेंदबाजों ने बचाई लाज

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
निशिन, 22 सितंबर 2026। टीम इंडिया बड़े उलटफेर से बाल बाल बच गई। जापान के खिलाफ एकमात्र टी20 मैच में सांसें तब अटक गई थीं, जब टीम इंडिया 32 रन ही बना सकी थी। बारिश के कारण यह मैच पांच-पांच ओवर का हुआ था। भारत ने पांच ओवर में चार विकेट पर 32 रन बनाए थे। जवाब में जापान ने पांच ओवर में तीन विकेट पर 30 रन बनाए। इस तरह टीम इंडिया जीत दर्ज करने में कामयाब रही।
भारत की पारी
भारत को शुरुआती तीन ओवरों में तीन झटके लगे थे। पहले ओवर में अभिषेक शर्मा खाता खोले बिना आउट हुए। उन्हें चार्ली हारा हिंजे ने अभिषेक शर्मा को शोमा सुगाया के हाथों कैच कराया। वहीं, दूसरे ओवर में संजू सैमसन भी आउट हो गए। उन्हें इब्राहिम ताकाहाशी ने बेंजामिन के हाथों कैच कराया। सैमसन सात गेंद में एक चौके की मदद से नौ रन बना सके। इसके बाद तीसरे ओवर में बेंजामिन इतो डेविस ने ईशान किशन को माकोतो के हाथों कैच कराया। ईशान तीन रन बना सके। श्रेयस अय्यर 12 गेंद में 16 रन बनाकर पांचवें ओवर में आउट हुए। तिलक वर्मा तीन गेंद में एक रन बनाकर नाबाद रहे। जापान की ओर से चार्ली ने दो विकेट लिए। वहीं, इब्राहिम ताकाहाशी और बेंजामिन इतो डेविस को एक-एक विकेट मिला।
आखिरी ओवर का रोमांच
हालांकि, 33 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जापान की टीम में अनुभव की कमी दिखी। जापान ने चार ओवर में तीन विकेट पर 25 रन बना लिए थे। आखिरी छह गेंद में उसे आठ रन चाहिए थे। अक्षर पटेल ने आखिरी ओवर में गेंदबाजी की। पहली गेंद पर उन्होंने कोई रन नहीं दिया, जबकि अगली गेंद पर एक रन आया। अगली गेंद वाइड रही। तीसरी ऑफिशियल गेंद पर कोई रन नहीं आया। चौथी, पांचवीं और आखिरी गेंद पर जापान के बल्लेबाजों ने एक-एक रन लिया। इस तरह आखिरी ओवर में जापान की टीम पांच रन बना सकी और दो रन से मैच गंवा दिया।
जापान की पारी
जापान की ओर से कप्तान केंडेल काडोवाकी फ्लेमिंग ने 12 गेंद में 12 रन बनाए। इसके अलावा लाचलान यामामोटो लेक ने एक रन , इब्राहिम ताकाहाशी ने चार रन बनाए। बेंजामिन इटो डेविस नौ रन और एलेक्जेंडर शिराई पाटमोर ने दो रन बनाए। भारत की ओर से वॉशिंगटन सुंदर ने दो विकेट लिए। भारत को अब एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लेना है। महिला क्रिकेट टीम ने 2023 के बाद इस बार भी स्वर्ण जीता है। अब श्रेयस अय्यर की टीम से भी यही उम्मीदें की जा रही हैं। 2023 में ऋतुराज गायकवाड़ की अगुआई में टीम इंडिया ने स्वर्ण जीता था।


