ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली के रंग भर रहा गोबर से बना प्राकृतिक पेंट

शेयर करे

4 महीनों में 2350 लीटर पेंट का हुआ उत्पादन, 4.60 लाख की हुई आमदनी

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

रायपुर 26 मई 2023। कोरिया जिले के विकासखण्ड बैकुण्ठपुर का ग्राम गौठान मझगवां में महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क योजना के तहत विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।  इनमें से एक है गोबर से प्राकृतिक पेंट निर्माण कार्य। प्रगति स्व सहायता समूह की महिलाएं यहां पेंट निर्माण कार्य से जुड़ीं हैं। यह प्राकृतिक पेंट महिलाओं के जीवन में खुशहाली के रंग भर रहा है। फरवरी माह से यहां गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने की इकाई संचालित है और महज 4 महीनों के अंदर ही इन्होंने 2350 लीटर पेंट का उत्पादन किया है जिसमें से लगभग 2200 लीटर पेंट का विक्रय कर लगभग 4 लाख 60 हजार रुपए की आमदनी भी की है। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार सभी शासकीय कार्यालयों एवं स्कूलों में रंग रोगन के लिए यह उपयोग में लिया जा रहा है।

समूह की अध्यक्ष श्रीमती सुमन राजवाड़े बताती हैं कि गोबर पेंट इकाई के माध्यम से समूह की महिलाओं को स्व रोजगार का नया आयाम हासिल हुआ है जिससे वे अपने और अपने घरवालों को आर्थिक संबल प्रदान कर रही हैं। पहले महिलाओं के द्वारा गौठानों में गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाया जा रहा था, आज इसके साथ ही साथ रीपा के तहत गोबर से पेंट बनाकर हम जैसी घरेलू महिलाएं सफल उद्यमी बनकर उभरी हैं। वर्तमान में समूह की महिलाएं बाजार की मांग के आधार पर प्रतिदिन लगभग 200 लीटर पेंट तैयार कर रही हैं। निर्मित पेंट को गौठान और सी मार्ट के माध्यम से ष्प्राकृतिक पेंटष् ब्रांड के नाम से बाजार में विक्रय किया जा रहा है। उत्पादन को राष्ट्रीय स्तर का बाजार उपलब्ध कराने के लिए ष्खादी इंडियाष् से जोड़ा गया है ताकि बड़े पैमाने पर उत्पाद को बाजार की उपलब्धता बनी रहे। आने वाले समय में यह कार्य कोरिया जिले के लिए नई पहचान बनेगा।

ऐसे बनता है गोबर से प्राकृतिक पेंट
 समूह की कुछ महिलाओं को जयपुर राजस्थान में गोबर से पेंट बनाने का प्रशिक्षण दिलाया गया है, यहां उन्हें निर्माण के सम्बन्ध में विधिवत जानकारी दी गई।गोबर से पेंट बनाने की प्रक्रिया में पहले गोबर और पानी के मिश्रण को मशीन में डालकर अच्छी तरह से मिलाया जाता है और फिर बारीक जाली से छानकर अघुलनशील पदार्थ हटा लिया जाता है। फिर कुछ रसायनों का उपयोग करके उसे ब्लीच किया जाता है तथा स्टीम की प्रक्रिया से गुजारा जाता है। उसके बाद सी एम एस नामक पदार्थ प्राप्त होता है। इसे डिस्टेम्पर और इमल्सन के रूप में उत्पाद बनाए जा रहे हैं। रीपा गौठान मझगवां में लगी हुई पेंट यूनिट से आवश्यकतानुसार मात्रा में पेंट का अलग-अलग उत्पाद लिया जा सकता है। इसकी औसत दैनिक उत्पादक क्षमता लगभग 500 लीटर है।

Leave a Reply

Next Post

’हमर लैब्स’ ने बढ़ाई जांच की सुविधा, अब तक 57.46 लाख जांच

शेयर करेजिला अस्पतालों और सीएचसी में स्थानीय स्तर पर ही कई तरह की जांच की सुविधा छत्तीसगढ़ रिपोर्टर रायपुर 26 मई 2023। प्रदेश के विभिन्न शासकीय अस्पतालों में संचालित हमर लैब से मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही अनेक तरह की जांच की सुविधाएं मिल रही हैं। ‘हमर लैब’ वाले […]

You May Like

3000 रुपये पेंशन, 50 लाख का हेल्थ इंश्योरेंस... चुनाव से पहले राहुल गांधी ने किया बड़ा ऐलान....|....भारत की नारी शक्ति की उपलब्धियां गौरव का स्रोत हैं: पीएम मोदी....|....कलचा गांव में रंग लगाने के विवाद में दो लोगों की हत्या, पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार....|....दिल्ली के बाजारों में युद्ध का असर, इलेक्ट्रॉनिक सामान महंगा; बासमती चावल के दाम गिरे....|....भाई ने लांघीं बर्बरता की हदें: हिमशिखा के शरीर पर थे 80 से ज्यादा जख्म, छलनी हो गया था लिवर, किडनी और हार्ट....|....बोर्ड परीक्षाएं खत्म होने की खुशी पड़ी जिंदगी पर भारी, ओडिशा में पांच स्कूली छात्रों की डूबने से मौत....|....ईरान के कई तेल डिपो पर अमेरिका और इस्राइल का बड़ा हमला, तेहरान में धुएं और आग से दहशत....|....अकेली महिला ने गांव में जला दी शिक्षा की अलख, 140 बालिका बनी स्टेट खिलाड़ी....|....न्यूयॉर्क मेयर ममदानी के आवास पर बम हमले की कोशिश, हिरासत में दो लोग; स्थिति तनावपूर्ण....|....मोदी सरकार ने देश को शर्मसार किया - दीपक बैज