घर को दुरुस्त कर रहे है पिता-पुत्र

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
कानपुर, 30 अगस्त 2026। कानपुर में पुरवामीर गांव में दो दिन पहले घर के आंगन में 22 फीट गहरी जमीन में समाकर यशी (18) की दर्दनाक मौत हो गई थी। करीब सात घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन की खबर प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंची। नेताओं, अधिकारियों के आश्वासनों का दौर चला, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही है। शासन की उदासीनता का आलम यह है कि जिस भाई भास्कर ने एक दिन पहले ही अपनी लाडली बहन को खोया, जिस पिता विनोद ने अपनी बेटी को अपनी आंखों के सामने धरती में समाते देखा। वहीं, पिता-पुत्र आज दो दिन से पड़ोसी अजय पांडे के बरामदे में रात गुजारने के बाद खुद ही फावड़ा उठाकर अपना उजड़ा घर भरने को मजबूर हैं।
22 फीट के गड्ढे को भर दिया जाएगा
हादसे के दौरान रेस्क्यू के लिए हुई खुदाई में उनका पूरा घर क्षतिग्रस्त हो गया। दो दिन तक परिवार ने पड़ोसी के बरामदे में भूखे-प्यासे रातें काटीं। इस उम्मीद में कि शासन-प्रशासन से कोई मदद आएगी। कम से कम खुदाई से बने 22 फीट के गड्ढे को भरकर बचे हुए एक कमरे तक आने-जाने का रास्ता ही बना दिया जाएगा, ताकि परिवार दो वक्त की रोटी बना सके।
कम से कम सिर पर छत तो बचा लूं
लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। थक-हारकर रविवार को परिवार ने खुद ही एक ट्रैक्टर से मिट्टी की भराई कराई। पिता विनोद, बेटा भास्कर और मोहल्ले के कुछ लोग फावड़े से गड्ढे की भराई कर रहे हैं। आंखों में आंसू और हाथों में फावड़ा लिए पिता कह रहा हैं कि बेटी तो चली गई, अब कम से कम सिर पर छत तो बचा लूं।


