वैभव सूर्यवंशी बने कप्तान: ईशान किशन की जगह मिला जिम्मा?

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छत्तीसगढ़ रिपोर्टर  

बंगलूरू, 30 अगस्त 2026। भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी में अपने करियर का एक और नया अध्याय जोड़ दिया। महज 15 साल की उम्र में वैभव को सीनियर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पहली बार कप्तानी करने का मौका मिला। दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में ईस्ट जोन के नियमित कप्तान ईशान किशन के चोटिल होने के बाद उपकप्तान वैभव ने टीम की कमान संभाली।

ईशान किशन के चोटिल होते ही बदली भूमिका
ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल रविवार को शुरू हुआ। टॉस जीतकर ईस्ट जोन ने रजत पाटीदार की अगुआई वाली सेंट्रल जोन को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया। सेंट्रल जोन की पारी के दौरान विकेटकीपिंग कर रहे ईशान किशन के दाएं अंगूठे में गेंद लग गई। चोट के बाद उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा। उनकी जगह कुमार कुशाग्र ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली। इसी दौरान टीम के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी को अस्थायी रूप से कप्तानी की जिम्मेदारी सौंप दी गई। यह सीनियर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वैभव की पहली कप्तानी थी।

पहले उपकप्तान, अब कप्तान
दलीप ट्रॉफी में वैभव को ईस्ट जोन का उपकप्तान नियुक्त किया गया था और वह ईशान किशन के डिप्टी की भूमिका में थे। हालांकि, नियमित कप्तान के मैदान से बाहर होने के बाद उन्हें अचानक नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। इससे पहले भी वैभव इस टूर्नामेंट में अपने ऑलराउंड खेल को लेकर चर्चा में रहे हैं। नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में उन्होंने बल्ले से सिर्फ आठ रन बनाए थे, लेकिन गेंदबाजी में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और दो विकेट हासिल किए थे। ईस्ट जोन ने वह मुकाबला पारी और 210 रन से जीता था।

‘मैं विकेट लेने वाला गेंदबाज हूं’
क्वार्टर फाइनल में गेंदबाजी करने को लेकर वैभव ने बीसीसीआई डोमेस्टिक के एक वीडियो में अपना अनुभव साझा किया था। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘अगर आप किसी भी बल्लेबाज से पूछेंगे तो उसे गेंदबाजी करना हमेशा पसंद होता है। बल्लेबाज को गेंदबाजी करने में मजा आता है और गेंदबाज को बल्लेबाजी करने में उतना ही मजा आता है।’ उन्होंने बताया कि जब विपक्षी टीम के विकेट लगातार नहीं गिर रहे थे, तब ईशान किशन ने उन्हें कुछ ओवर गेंदबाजी करने का मौका दिया। वैभव ने कहा, ‘विपक्षी टीम के विकेट नहीं गिर रहे थे, इसलिए मुझे दो-तीन ओवर गेंदबाजी करने के लिए कहा गया। ईशान भैया को लगा कि वह जोखिम ले रहे हैं, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि मैं विकेट लेने वाला खिलाड़ी हूं।’

सेंट्रल जोन पर ईस्ट ने बनाया दबाव
सेमीफाइनल के पहले दिन ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने सेंट्रल जोन के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। पहले सत्र में 32 ओवर के खेल के बाद सेंट्रल जोन का स्कोर 81/3 था। अभिजीत के सरकार और मुकेश कुमार ने शुरुआती सफलता दिलाई। अभिजीत ने पहले घंटे में अमन मोखाड़े और कुनाल चंदेला को पवेलियन भेजा। इसके बाद मुकेश कुमार ने दूसरे सत्र के अंत में सेंट्रल जोन के कप्तान रजत पाटीदार को क्लीन बोल्ड कर दिया।

सारांश जैन की वापसी, शमी की पाटीदार से टक्कर
सेंट्रल जोन की टीम में भारतीय टेस्ट डेब्यू कर चुके सारांश जैन की भी वापसी हुई। उन्होंने इसी महीने श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। वहीं अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और रजत पाटीदार के बीच भी मैदान पर शानदार मुकाबला देखने को मिला। ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने शुरुआत में ही सेंट्रल जोन को दबाव में डाल दिया। ईशान किशन की चोट ने जहां ईस्ट जोन की रणनीति को अचानक बदल दिया, वहीं इसने युवा वैभव सूर्यवंशी को सीनियर क्रिकेट में पहली बार कप्तानी का अनुभव भी दे दिया। इतने कम उम्र में मिली यह जिम्मेदारी उनके उभरते क्रिकेट करियर में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव बन गई है।

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