नीचे उफनती नदी, ऊपर डगमगाता बांस का पुल

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छत्तीसगढ़ रिपोर्टर  

कबीरधाम, 31 अगस्त 2026। जिले के पंडरिया विकासखंड में विकास के दावों के बीच जमीनी हकीकत सामने आई है। गोरखपुर खुर्द और उसलापुर गांव के बीच कर्रानाला नदी पर पक्का पुल नहीं होने से ग्रामीणों ने खुद चंदा जुटाकर बांस का अस्थायी पुल तैयार कर लिया है। करीब 15 फीट की ऊंचाई पर बना यह पुल अब ग्रामीणों की मजबूरी का रास्ता बन गया है।

कर्रानाला नदी पर बने इस अस्थाई पुल के नीचे पानी का तेज बहाव और ऊपर डगमगाता बांस का पुल, इसी जोखिम भरे रास्ते से रोज स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और किसान नदी पार कर रहे हैं। पुल पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं और इसकी मजबूती को लेकर भी ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल पर थोड़ी सी भी चूक जानलेवा साबित हो सकती है। नीचे उफनती नदी के कारण किसी के संतुलन बिगड़ने पर सीधे पानी में गिरने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों के अनुसार यह रास्ता उनकी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। राशन और अन्य जरूरी सामान लाने से लेकर खेती-किसानी के काम तक के लिए उन्हें इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। स्कूली बच्चे भी रोज इसी पुल के जरिए स्कूल आते-जाते हैं। उनका कहना है कि पक्के पुल की मांग को लेकर वे कई बार शासन और प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं। पहले भी इस रास्ते पर हादसे हो चुके हैं लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया। मामला सामने आने के बाद कलेक्टर तूलिका प्रजापति ने स्थिति का जायजा लेने के लिए जांच टीम भेजने की बात कही है। उन्होंने उचित प्रस्ताव तैयार होने के बाद जल्द पुल निर्माण की दिशा में कार्रवाई का भरोसा भी दिया है। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। वे उम्मीद कर रहे हैं कि बांस का यह अस्थायी पुल जल्द ही पक्के पुल में बदलेगा, ताकि बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और किसानों को जान जोखिम में डालकर नदी पार न करनी पड़े।

ग्रामीणों का कहना है कि जब समस्या वर्षों से सामने है और इस रास्ते का रोज इस्तेमाल होता है स्थायी पुल निर्माण में इतनी देरी क्यों हो रही है। उनका सवाल है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार करेगा या उससे पहले ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। फिलहाल ग्रामीणों ने पक्के पुल के निर्माण को अपनी सबसे बड़ी जरूरत बताते हुए प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है।

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