
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
बालोद 10 अप्रैल 2026। बालोद जिले में एक न्यायिक मजिस्ट्रेट के परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए तीन करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई है। यह धमकी भरा पत्र पोस्ट के जरिए भेजा गया। जिसके बाद मजिस्ट्रेट की शिकायत पर गुंडरदेही थाना में अपराध दर्ज कर लिया गया है जीसकी जानकारी आज स्थानीय पुलिस ने दी। दरअसल यह पूरा मामला 27 मार्च 2026 का है। गुंडरदेही न्यायालय में पदस्थ प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रशांत कुमार देवांगन को दोपहर करीब 3.25 बजे उनके कार्यालय में पोस्टमैन द्वारा एक बंद लिफाफा सौंपा गया। लिफाफा खोलने पर उसमें मजिस्ट्रेट और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी साथ ही तीन करोड़ रुपए की फिरौती की मांग की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट ने इसकी शिकायत दर्ज कराई। जिस पर गुंडरदेही पुलिस ने बुधवार शाम 5 बजे अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गुंडरदेही थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रशांत कुमार देवांगन ने लिखित शिकायत में बताया है कि उन्हें प्राप्त बंद लिफाफे को खोलकर पढ़ने पर उसमें ॐ काली माता नम: ऊपर लिखा हुआ था।
पत्र में सीधे तौर पर उन्हें संबोधित करते हुए फिरौती की मांग की गई है और गंभीर धमकी दी गई है। पत्र में लिखा गया है कि उनसे करोड़ों रुपए की फिरौती चाहिए, अन्यथा उन्हें और उनके परिवार को जान से मार दिया जाएगा। साथ ही आरोप लगाया गया है कि वे रिश्वत लेकर गलत आदेश देते हैं और गरीबों को परेशान करते हैं। पत्र में उनके कार्यालय के कर्मचारियों पर भी पैसे लेकर फाइल गायब करने और आम लोगों को परेशान करने जैसे आरोप लगाए गए हैं।


