
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
धमतरी, 09 सितंबर 2026। धमतरी जिले के नगरी थाना क्षेत्र में मवेशियों से भरी पिकअप वाहन के पलटने के बाद कथित पशु तस्करी का मामला सामने आया है। हादसे की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने पिकअप की तलाशी ली तो उसमें पांच भैंसें लदी मिलीं। पूछताछ और जांच में सामने आया कि इन मवेशियों को कथित तौर पर पाइकभाटा से ओडिशा के नवरंगपुर ले जाया जा रहा था। पशुओं के परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज भी आरोपियों के पास नहीं मिला। मामले में नगरी पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, नगरी थाना क्षेत्र के कर्राघाटी के पास मवेशियों से भरी पिकअप अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना आसपास के लोगों ने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही नगरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहन की जांच शुरू की। पुलिसकर्मियों ने पिकअप की तलाशी ली तो उसके अंदर पांच भैंसें मिलीं। इसके बाद वाहन में मौजूद लोगों से पशुओं के परिवहन से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला कि पांचों भैंसों को पाइकभाटा से पिकअप में भरकर ओडिशा के नवरंगपुर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने वाहन, मवेशियों और उसमें सवार लोगों के संबंध में पूछताछ की। पुलिस ने इस मामले में पाइकभाटा निवासी ओंकार कुर्रे को मुख्य आरोपी बताया है। इसके अलावा मुकेश मरकाम और राजकुमार नेताम को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है। दुर्घटनाग्रस्त पिकअप वाहन को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। बरामद पांचों मवेशियों के संबंध में आवश्यक प्रक्रिया की जा रही है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मवेशियों को पाइकभाटा में कहां से लाया गया था और उन्हें नवरंगपुर में किस व्यक्ति या स्थान पर पहुंचाया जाना था। साथ ही इस पूरे मामले में किसी बड़े नेटवर्क के जुड़े होने की आशंका को देखते हुए अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
एडिशनल एसपी शैलेन्द्र पांडेय ने बताया कि कर्राघाटी के पास मवेशियों से भरी पिकअप के पलटने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर जांच की गई तो वाहन में पांच भैंसें मिलीं। जांच में सामने आया कि मवेशियों को पाइकभाटा से ओडिशा के नवरंगपुर ले जाया जा रहा था और आरोपियों के पास परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं था। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।


