राकेश टिकैत ने फिर भरी हुंकार, कहा- एमएसपी की गारंटी के लिए कानून लाए मोदी सरकार

Chhattisgarh Reporter
शेयर करे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर  

मुबंई 29 नवंबर 2021। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने रविवार को मांग की कि केंद्र देश में किसानों के हितों की रक्षा के लिए फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी के लिए एक कानून लाए। मुंबई में संयुक्त शेतकरी कामगार मोर्चा (एसएसकेएम) के बैनर तले आजाद मैदान में आयोजित ‘किसान महापंचायत’ में हिस्सा लेने पहुंचे टिकैत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एमएसपी के समर्थक थे, जब वह गुजरात मुख्यमंत्री थे। वह किसानों के हितों की गारंटी सुनिश्चित करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी कानून चाहते थे। उन्होंने मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर इस मुद्दे पर बहस से भागने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि केंद्र को किसानों को एमएसपी की गारंटी देने के लिए एक कानून लाना चाहिए। कृषि और श्रम क्षेत्रों से जुड़े कई मुद्दे हैं, जिन पर ध्यान देने की जरूरत है और हम उन्हें उजागर करने के लिए पूरे देश में यात्रा करेंगे। टिकैत ने यह भी मांग की कि केंद्र के तीन कृषि विपणन कानूनों के खिलाफ सालभर के विरोध प्रदर्शन में जान गंवाने वाले किसानों के परिजनों को वित्तीय सहायता दी जाए। इस महीने की शुरुआत में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के सरकार के फैसले की घोषणा की थी, जो किसानों के विरोध के केंद्र में थे।

केंद्र ने कई दौर की बातचीत की थी

तमाम किसान तीन कृषि कानूनों, कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) कानून, कृषि (सशक्तीकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा करार कानून और आवश्यक वस्तु संशोधन कानून, 2020- के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर नवंबर 2020 से ही प्रदर्शन कर रहे हैं। केंद्र ने प्रदर्शनकारी किसानों के साथ कई दौर की बातचीत की थी। उसका कहना था कि कानून किसानों के हित में हैं, जबकि प्रदर्शनकारियों का दावा था कि कानूनों के कारण उन्हें कॉर्पोरेट घरानों की दया पर छोड़ दिया जाएगा।

इन नेताओं ने सभा को संबोधित किया

इस मौके पर सभा को राकेश टिकैत के अलावा दर्शन पाल, हन्नान मुल्ला सहित एसकेएम नेताओं ने संबोधित किया। इसके साथ ही योगेंद्र यादव, मेधा पाटकर, युद्धवीर सिंह, तजिंदर सिंह विर्क, अतुल कुमार अंजान, राजाराम सिंह और अन्य कई नेताओं ने पंचायत को संबोधित किया।

लखीमपुर हिंसा में मारे गए किसानों की अस्थियां अरब सागर में विसर्जित

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में पिछले महीने हुई हिंसा में जान गंवाने वाले चार किसानों की अस्थियों के एक हिस्से को रविवार को यहां गेटवे ऑफ इंडिया के पास अरब सागर में विसर्जित किया गया। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत सहित सैकड़ों किसानों और उनके नेताओं ने अस्थियों वाले कलशों के साथ दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित गेटवे ऑफ इंडिया तक तक एक जुलूस निकाला। वाहन पर रखे जाने से पहले कलशों पर आजाद मैदान में पुष्पांजलि अर्पित की गई।

Leave a Reply

Next Post

नक्सलवाद के आए बुरे दिन, सुरक्षाबलों की सतर्कता से महिलाओं-बच्चों की नहीं कर पा रहे भर्ती

शेयर करे छत्तीसगढ़ रिपोर्टर   नई दिल्ली 29 नवंबर 2021। छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा सहित विभिन्न नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सली, महिलाओं और बच्चों को अपने कैडर के तौर पर भर्ती करने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल पा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा […]

You May Like

'कुछ लोग निराशावादी ही हैं, भारत को नीचा दिखाना चाहते हैं', पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर बोला हमला....|....दिल्ली होटल अग्निकांड: 21 मौतों के मामले में होटल का रसोइया गिरफ्तार, मालिक के खिलाफ भी केस दर्ज....|....ईद मनाने निकले लेकिन...:सहारा रेगिस्तान में फंस गया ट्रक, 49 लोगों की तड़प-तड़प कर मौत....|....महागठबंधन में दरार! झामुमो ने बदली रणनीति, अब राज्यसभा की दोनों सीटों पर उतारेगी अपने उम्मीदवार....|....इबोला को लेकर छत्तीसगढ़ अलर्ट: स्वास्थ्य मंत्री बोले- क्वारंटाइन किए गए लोगों में नहीं मिले संक्रमण के लक्षण....|....पंजाब में भीषण सड़क हादसा: ट्रॉला और पिकअप में जबरदस्त टक्कर, डेरा ब्यास जा रहे आठ श्रद्धालुओं की मौत....|....35 सेकंड में युवती का कत्ल: ऑफिस में युवक ने किए 30 वार, एकतरफा प्यार और हत्या में परिवार के दावे से नया मोड़....|....'कूटनीति से ही समाधान संभव': यूएन से सम्मानित मेजर अभिलाषा का शांति संदेश, लेबनान के पुनर्निर्माण की बताई जरूरत....|....राष्ट्रीय स्तर पर 3% गिरावट के बीच यूपी का शानदार प्रदर्शन, जीएसटी संग्रह में 13% बढ़ोतरी, देश में नंबर वन....|....सुरक्षा कटौती पर बिहार में रार: पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने आवास से सुरक्षाकर्मियों को लौटाया; अपमान का लगाया आरोप