रूसी बमबारी से दहली यूक्रेन की अर्थव्यवस्था: रिहाइशी इलाके भी बने निशाना

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
नई दिल्ली/कीव, 28 अगस्त 2026। रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष अब एक नए विनाशकारी आर्थिक मोर्चे पर पहुंच गया है। गुरुवार सुबह राजधानी कीव समेत नौ यूक्रेनी शहरों पर रूस ने मिसाइलों और ड्रोन की भीषण बारिश कर दी। साढ़े चार साल से जारी इस युद्ध में यह हमला न सिर्फ सैन्य ठिकानों पर, बल्कि यूक्रेन के निजी व्यवसायों और समग्र अर्थव्यवस्था को पंगु बनाने के इरादे से किया गया था। इस हमले में आम नागरिकों की जान जाने के साथ-साथ यूक्रेन की बिजली प्रणालियों, अनाज निर्यात बंदरगाहों और बड़े व्यापारिक गोदामों को भारी क्षति पहुंची है।
रूस ने इस बार रिहाइश के साथ निजी बिजनेस को निशाना क्यों बनाया?
रूस अब यूक्रेन के आर्थिक तंत्र को सीधी चोट पहुंचाने की नीति पर काम कर रहा है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने इसे तेल रिफाइनरियों, लॉजिस्टिक्स हब और बंदरगाहों जैसे सैन्य-औद्योगिक ठिकानों पर कार्रवाई बताया। लेकिन असल चोट यूक्रेन के निजी व्यापार को लगी है। रूसी ड्रोन हमलों ने तीन बड़े वितरण केंद्रों को निशाना बनाकर खिलौनों की एक स्टोर चेन और एक चॉकलेट कंपनी के विशाल गोदामों को तबाह कर दिया, जबकि एक इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेलर का डिपो क्षतिग्रस्त हो गया। दरअसल, यूक्रेन के हालिया लंबी दूरी के ड्रोन हमलों से रूस को वित्तीय मुश्किलें हुई थीं, जिससे नाराज होकर रूस ने यूक्रेनी निजी उद्योगों पर यह हमला किया है।
यूक्रेन ने पलटवार में रूस के किस बड़े ऑनलाइन कारोबारी साम्राज्य को निशाना बनाया?
यूक्रेनी सेना ने भी रूस के आर्थिक हितों पर सीधे हवाई हमले तेज कर दिए हैं। यूक्रेन लगभग हर रात रूसी सीमा के भीतर सैकड़ों लंबी दूरी के ड्रोन दाग रहा है। हाल ही में रूस की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी ‘वाइल्डबेरीज’ के गोदामों को तबाह करने के बाद यूक्रेनी ड्रोनों ने रूस की दूसरी सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेलर कंपनी ‘ओजोन’ को अपना निशाना बनाया है। ओजोन के उफा स्थित लॉजिस्टिक्स केंद्र पर सीधा हमला किया गया, जबकि ऑरेनबर्ग सुविधा को सतर्कता चेतावनी के बाद खाली कराना पड़ा। उधर, रूसी हवाई सुरक्षा प्रणालियों ने विभिन्न क्षेत्रों में यूक्रेन के 267 ड्रोनों को मार गिराने का दावा किया है।
इस भीषण हमले से यूक्रेन के बुनियादी ढांचे पर क्या असर पड़ा?
इस बमबारी ने यूक्रेन के नागरिक और आर्थिक बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। ओडेसा के बंदरगाह क्षेत्र में हुए सात घंटे लंबे हमले में एक विशाल अनाज गोदाम (ग्रेन एलीवेटर) क्षतिग्रस्त हो गया, जो यूक्रेन के अनाज निर्यात के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, भीषण ठंड से पहले बिजली ग्रिड को ठप करने की नीयत से दागे गए चार ग्लाइड बमों ने खेरसॉन के एक प्रमुख संयंत्र के जनरेटरों को नष्ट कर दिया, जिससे ‘नाफ्तोगाज’ को प्लांट बंद करना पड़ा। रेलवे नेटवर्क प्रभावित हुआ और कई ट्रेनें 17 घंटे से अधिक की देरी से चलीं। इस हमले में ज़ापोरिज़िया में एक 78 वर्षीय महिला और खार्किव में एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 14 लोग घायल हुए।
इस भीषण जंग के रणनीतिक निहितार्थ और आगे की राह क्या है?
तबाही के बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने यूरोपीय देशों से तत्काल अमेरिकी निर्मित पैट्रियट मिसाइल प्रणालियों और अतिरिक्त बैलिस्टिक रक्षा पैकेजों की मांग की है, क्योंकि यूक्रेन के पास हवाई सुरक्षा मिसाइलों की कमी है। इसी बीच, यूक्रेन की हवाई सीमा का उल्लंघन करते हुए पांच अज्ञात ड्रोन पड़ोसी देश मोल्दोवा के हवाई क्षेत्र में घुसे, जिसने तनाव को और बढ़ा दिया है। यह पूरी जंग अब आपसी आर्थिक विनाश के एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुकी है, जहां दोनों पक्ष सैन्य ठिकानों के साथ-साथ एक-दूसरे के व्यापार और जीवन रेखा को निशाना बना रहे हैं।


