विशेषज्ञ लगा रहे हैं कयास, नहीं होता पैराशूट

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
कानपुर, 28 अगस्त 2026। गर्ग एविएशन का जो टेक्नो पी2006टी ट्रेनी विमान क्रैश हुआ। वह दुनिया का सबसे हल्का और किफायती चार-सीटर ट्विन-इंजन विमान माना जाता है। एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार, उड़ान भरने के 20 मिनट के भीतर हुए इस हादसे के पीछे इंजनों में ईंधन आपूर्ति बाधित होना या एयर फ्लेम कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी मुख्य कारण हो सकते हैं। कानपुर में इटली की टेक्नाम कंपनी का टेक्नो पी2006टी विमान गुरुवार को हादसे में क्षतिग्रस्त हुआ है। यह विमान दुनिया का सबसे हल्का और किफायती दो इंजन वाला है। इसका उपयोग मुख्य रूप से वाणिज्यिक पायलटों के प्रशिक्षण और निजी यात्राओं के लिए किया जाता है। गर्ग एविएशन में इस विमान से प्रशिक्षण दिया जा रहा था। इसमें पैराशूट नहीं होता है। वहीं, एविएशन क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि डीजीसीए की जांच रिपोर्ट के बाद ही हादसे की तस्वीर साफ होगी। हालांकि, इंजन में ईंधन आपूर्ति बंद होने या एयर फ्लेम कंट्रोल सिस्टम में गड़बड़ी हादसा की वजह हो सकती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, टेक्नो पी2006टी में रोटैक्स 912 सीरीज के दो लिक्विड-कूल्ड इंजन लगे होते हैं।
सबसे कम ईंधन खपत करता है
प्रत्येक इंजन 100 हॉर्स पावर की शक्ति का होता है। यह विमान अपनी श्रेणी में सबसे कम ईंधन खपत करता है। इसके दोनों इंजन मिलकर प्रति घंटा 34 से 38 लीटर ईंधन खाते हैं। यह कई एकल इंजन विमानों के बराबर है। यह पारंपरिक एविएशन ईंधन के साथ-साथ सामान्य कारों में इस्तेमाल होने वाले सीसा रहित पेट्रोल पर भी उड़ सकता है।
उड़ान भार 1,180 से 1,230 किलोग्राम के बीच
इससे इसकी परिचालन लागत बेहद कम हो जाती है। यह दुनिया का सबसे हल्का प्रमाणित दो इंजन वाला नागरिक विमान है। इसका अधिकतम उड़ान भार 1,180 से 1,230 किलोग्राम के बीच होता है। विमान में एक पायलट और तीन यात्रियों सहित कुल चार सीटें होती हैं। इसके ऊपरी पंख डिजाइन से पायलट और यात्रियों को नीचे और बाहर का स्पष्ट दृश्य मिलता है।
सिकुड़ने वाले लैंडिंग गियर भी लगे हैं
यह हवा में करीब 260 से 270 किलोमीटर प्रति घंटा की क्रूज गति से उड़ सकता है। एक बार पूरा ईंधन भरने पर यह लगभग 1,200 से 1,740 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है। इसमें सिकुड़ने वाले लैंडिंग गियर भी लगे हैं। यह उड़ान के दौरान हवा के अवरोध को कम करते हैं और गति बढ़ाते हैं। इसमें आधुनिक गार्मिन जी1000एनएक्सआई ग्लास कॉकपिट और ऑटोपायलट प्रणाली भी लगी होती है।
20 मिनट बाद ही विमान क्रैश हो गया
यह डिजिटल स्क्रीन पर उड़ान और दिशा-निर्देशन की सारी सटीक जानकारी देता है। दो इंजन होने के कारण यह विमान अधिक सुरक्षित माने जाते हैं। यदि उड़ान के दौरान एक इंजन खराब भी हो जाए तो यह विमान दूसरे इंजन पर भी सुरक्षित रूप से उड़ने और उतरने में सक्षम है। यह विशेषता इसे एकल इंजन विमानों से बेहतर बनाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, उड़ान भरने के महज 20 मिनट बाद ही विमान क्रैश हो गया।
तब विमान की कंट्रोलिंग नहीं हो पाती है
इस स्थिति में विमान हादसे के दो बड़े कारण हो सकते हैं। पहला यह कि दोनों इंजनों में ईंधन की आपूर्ति बाधित हो गई। इंजन बंद होने से विमान हवा में ही रुक गया और क्रैश होकर नीचे आ गिरा। दूसरा कारण यह हो सकता है कि विमान के एयर फ्लेम सिस्टम में कोई तकनीक कमी आ गई। इस सिस्टम के काम न करने से विमान की कंट्रोलिंग नहीं हो पाती है।
हर उड़ान से पहले होती है तकनीकी जांच
विमान के उड़ान भरने से पहले विमान की तकनीक टीम पूरी जांच पड़ताल करती है। इसमें विमान कितनी दूरी तय कर चुका है। ईंधन, इंजन, पंख, कंट्रोलिंग सिस्टम समेत सभी तकनीकी जांचें की जाती हैं। तकनीक टीम की मंजूरी के बाद विमान उड़ान भरता है। डीजीसीए की टीम की जांच के बाद पता चल सकेगा कि नियमों का पालन किया गया या नहीं।


