
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
कोलकाता 19 मई 2026। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को अपने 80 नवनिर्वाचित विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के बाद अब टीएमसी राज्य में मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है। इस बैठक में पार्टी के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य की नई राजनीतिक परिस्थितियों में विपक्ष की रणनीति तैयार करना है।
क्या रहेगा बैठक का मुद्दा?
पार्टी के सूत्रों के अनुसार, बैठक में एक बड़ा मुद्दा नगर निकायों के कामकाज को लेकर होगा। राज्य के कई नगर निकायों पर अभी भी टीएमसी का कब्जा है, लेकिन बदली हुई सत्ता के कारण वहां के अधिकारियों के व्यवहार में बदलाव आया है। पार्टी इस प्रशासनिक असहयोग से निपटने के तरीकों पर चर्चा करेगी।
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब कोलकाता नगर निगम (KMC) ने अभिषेक बनर्जी की 17 संपत्तियों को नोटिस जारी किया है। ये नोटिस कथित अवैध निर्माण के मामले में दिए गए हैं। केएमसी अधिनियम की धारा 400(1) के तहत जारी इन नोटिसों में संपत्ति मालिकों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है। इन संपत्तियों की दीवारों पर नोटिस की प्रतियां भी चिपका दी गई हैं।
सीएम अधिकारी ने दिया था संकेत
वर्तमान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पिछले हफ्ते ही इन संपत्तियों की जांच के संकेत दिए थे। उन्होंने अभिषेक बनर्जी का नाम लिए बिना उन्हें मिस्टर नेफ्यू (श्रीमान भतीजे) कहा था। अधिकारी ने दावा किया था कि उनके पास एक कंपनी से जुड़ी 24 संपत्तियों की सूची है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को साफ कर दिया कि उनकी सरकार पिछली टीएमसी सरकार के दौरान हुए भ्रष्टाचार और जनता के पैसे की लूट के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी।
बनाए जाएंगे दो नए आयोग
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भ्रष्टाचार और महिलाओं के खिलाफ अपराधों की जांच के लिए दो अलग-अलग जांच आयोग बनाने की घोषणा भी की है। इन दोनों आयोगों के अध्यक्ष कलकत्ता हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज होंगे। संस्थागत भ्रष्टाचार की जांच जस्टिस बिस्वजीत बसु (रिटायर्ड) करेंगे। वहीं, महिलाओं के खिलाफ अपराध की जांच जस्टिस समाप्ति चटर्जी (रिटायर्ड) के नेतृत्व में होगी। ये दोनों आयोग जून महीने से अपना काम शुरू कर देंगे।


