
एमसीबी/कोरिया ( सरगुजा) — गोंगपा दूसरे नंबर पर रही जबकि राजनीतिक डायलाग वाली बैंटिंग बालिंग आपस में एक नंबर और तीसरे नंबर के बीच यानि कांग्रेस और भाजपा के बीच चल रही है। हाल ही में कोरिया में जिला पंचायत सदस्य के लिए उपचुनाव हुआ। जिसे स्थानीय स्तर पर आगामी विधानसभा का सेमीफाइनल पुकारा गया। इस उपचुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवार प्रथम स्थान पाकर विजयी हुईं और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के समर्थित उम्मीदवार दूसरे नंबर रहे और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार तीसरे नंबर पर रहे। फिर भी राजनीतिक डायलाग वाली बैटिंग बालिंग भाजपा और कांग्रेस के बीच ही चल रही है। इस बैटिंग बालिंग के राजनीतिक द्वंद में दोनो तरफ के संगठन से कोई मजबूत कार्यकर्ता नही बल्कि अपने-अपने स्तर के बाहैसियत वाले किरदार आमने सामने हैं। इसी बीच बिना अनर्गल फेमस डायलाग के सेमीफाइनल के उपचुनाव में दूसरे नंबर पर गोंगपा का जनाधार नजर आया। इसी को राजनीतिक प्रेक्षक पैनी नजर से देख और समझ रहे हैं। देखा जाए तो राजनीति का पैटर्न बिल्कुल बदल चुका है। दो खेलेंगे तो तीसरा मैच देखेगा। तीसरे को नही खेलने देंगे तो वह देखता ही रहेगा। वह खेले भी किसके साथ खेले। क्या तीसरा दोनो के बीच में घुस के खेल सकेगा ? राजनीति भी एक अजीब चीज है इसमे जो सामने होता दिखता है वह होता नही है और जो सामने नही दिखता है वही अंदर ही अंदर होते रहता है। मुखिया जी किसके घर पहुंचे थे। दूसरी तरफ किसको कहां से बौद्धिक बल मिलता है। यह सब बारिक विषय वस्तु है जो शनै: शनै: बनते बिगडते समीकरण पर निचोड़ के रूप में बैकुंठपुर विधानसभा की जनता को मिलेगा। चेहरे के भाव से और हाथों कि अंगुलियों के इशारों से धारित मुखबधिर पूरी खबर को स्क्रीन पर बता और समझा देता है और दर्शक समझने की कोशिश कर लेते हैं। इनकी राजनीतिक बालिंग और बैटिंग के बीच अब हम आपको अपने कानो और आंखों पर ही निर्भर होकर समझना होगा कि विडियो में कहे गए अल्फाज में पारिस्थितिक चेहरे के भाव क्या रहे ? खैर विडियो वाले अल्फाज भद्दे हैं या सरल बोली वाले हैं इसकी जांच जांचकर्ता ही करेंगे। अब तो यही लगता है कि अल्फाजों की रेलगाड़ी में बैठकर बैकुंठपुर विधानसभा की जनता चुनाव के स्टेशन तक पहुंचेगी।

जबकि इसी विडियो वाली बात को लेकर पहले ही कांग्रेसियों ने बैकुंठपुर शहर में पूर्व मंत्री भइयालाल राजवाडे की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाल चुके है। जिसमें कांग्रेसियों द्वारा प्रतीकात्मक पुतले चप्पलों से मारा गया। जिसमें कांग्रेसी विधायक समर्थकों की भारी भीड रही थी। पूर्व केबिनेट मंत्री भइयालाल के सोशल मीडिया में तैर रहे विडियो में कहे गए कथन को लेकर बैकुंठपुर की कांग्रेसी विधायक अंबिका सिंंहदेव ने मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल को लेकर कहा था कि मै इसके बारे में कुछ कहना उचित नही समझती हूं। इस क्षेत्र की सभी महिलाएं जानती हैं कि भइयालाल जी महिलाओं की कितनी रिस्पेक्ट करते हैं। बस इतना कहूंगी कि जब मै शुरू में आई थी तब भइयालाल जी यहां के विधायक थे और केबिनेट मंत्री थे। तब कई बार महिलाओं से ऐसी बातें आई कि हम यहां सुरक्षित नही हैं। अब आप यहां हैं तो हम सुरक्षित महसूस करते हैं। क्यों विवादित बयान दे रहे हैं ये तो वही जानते हैं । एक एज (उम्र) के बाद कहते हैं कि समझ नही रह जाती है शायद उनका वही फेस स्टार्ट हो गया है।

