
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
नई दिल्ली 05 जून 2026। दुनिया में चल रहे तनाव और भविष्य की रणनीतिक चुनौतियों को भांपते हुए भारत अपनी रक्षा तैयारियों को चाक-चौबंद करने के लिए 20 हजार करोड़ के स्वदेशी ड्रोन खरीदेगा। इससे सेना को और भी मजबूती मिलेगी। सरकार जल्द ही घरेलू कंपनियों को सैन्य ड्रोन का ऑर्डर देने की तैयारी में है। यह देश के इतिहास में ड्रोन खरीद का अब तक का सबसे बड़ा सौदा होगा। सरकार के साथ मिलकर काम करने वाले उद्योग निकाय ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीएफआई) ने इस बात की पुष्टि की है।
डीएफआई के अध्यक्ष स्मित शाह ने बताया कि यह योजना अपने अग्रिम चरण में है। हाल ही में सरकार ने सामरिक श्रेणी (टैक्टिकल-क्लास) के ड्रोन के लिए 3,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर दिए थे, लेकिन अगले चरण में यह खरीद 20,000 करोड़ रुपये को पार कर सकती है। इन ड्रोनों की डिलीवरी 18 से 24 महीनों के भीतर पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
नए ऑर्डरों का सौदा त्वरित प्रक्रिया के तहत होगा
स्मित शाह के अनुसार, देश की तात्कालिक परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इन नए ऑर्डरों को फास्ट-ट्रैक यानी त्वरित प्रक्रिया के जरिये खरीदा जा सकता है। रक्षा मंत्रालय ने इस साल मार्च में परिवहन विमान, मिसाइल सिस्टम और रिमोटली पायलेटेड स्ट्राइक एयरक्राफ्ट (सशस्त्र ड्रोन) खरीदने के लिए 2.38 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसमें ड्रोन के लिए एक बड़ा हिस्सा तय किया गया है।
आपातकालीन खरीद तंत्र पर भरोसा
युद्ध क्षेत्र के तेजी से बदलते डायनेमिक्स को देखते हुए भारतीय सशस्त्र बल अब पारंपरिक और लंबी चलने वाली खरीद प्रक्रियाओं के बजाय इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट मैकेनिज्म यानी आपातकालीन खरीद तंत्र पर भरोसा कर रहे हैं। आईजी डिफेंस के कार्यकारी और पूर्व सैन्य अधिकारी रमेश चंद्र पाढी ने कहा, आधुनिक युद्ध क्षेत्र में ड्रोन सेना की ताकत बढ़ाने वाले साबित हो रहे हैं।


