
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
जम्मू-कश्मीर 19 मई 2026। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि आतंकियों और इन्हें पालने वालों को कुचलकर रख दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहलगाम के बायसरन में हुआ आतंकी हमला पाकिस्तान की सुनियोजित साजिश थी। ऑपरेशन सिंदूर में सुरक्षाबलों ने 48 से 72 घंटों के भीतर इसका बदला ले लिया। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों (ड्रग्स) का सीधा संबंध आतंकवाद और टेरर फंडिंग से है। हमारा पड़ोसी देश पिछले पांच साल से जम्मू-कश्मीर में जानबूझकर ड्रग्स भेज रहा है। एक साक्षात्कार में उपराज्यपाल ने बताया कि पूरा देश अब जान चुका है कि पहलगाम हमले के पीछे किसका हाथ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टैंड लिया और सेना व सीआरपीएफ ने मिलकर ऑपरेशन सिंदूर से लक्ष्य हासिल किया। सुरक्षाबलों ने चिन्हित ठिकानों पर बेहद सटीक कार्रवाई की और आतंकियों पर अचूक ऑपरेशन किया। ऑपरेशन सिंदूर से जो लोग प्रभावित हुए, उनकी सुध ली गई। सरकार ने उन्हें वित्तीय मदद दी और ये प्रक्रिया लगातार जारी है। इसी तरह से नशे के पीड़ितों के पुनर्वास के प्रयास भी जारी हैं।
कश्मीर में आंतरिक सुरक्षा पर एलजी ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां पूरी गंभीरता से काम कर रही हैं। देश विरोधी ताकतों पर लगाम लगाने के लिए बारीकी से निगरानी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि अब आतंकी संगठनों में स्थानीय युवाओं की भर्ती लगभग खत्म हो चुकी है। कोई भी बड़ा कमांडर अब जिंदा नहीं बचा है।
जम्मू में भी नहीं बचेंगे आतंकी
जम्मू संभाग में आतंकी गतिविधियां बढ़ने के सवाल पर एलजी ने कहा कि पहले हमारा फोकस कश्मीर में था। कश्मीर में आतंकियों को सिर छिपाने की जगह नहीं मिली तो वे जम्मू संभाग की ओर रुख करने लगे। उन्होंने कहा कि जम्मू में भी आतंकियों को बचने का ठौर नहीं मिलेगा। कठुआ और उधमपुर में आतंकरोधी अभियान सभी को याद है। आतंकी कहीं भी हों, बच नहीं सकेंगे।
दो रणनीतियां- नशे के विरुद्ध युद्ध और सीमावर्ती गांवों का विकास
उपराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2020 में नशामुक्त भारत का विजन दिया था। सरकार का ध्यान अब दो प्रमुख रणनीतियों पर है। पहली- ड्रग्स की सप्लाई चेन को तोड़ना और युवाओं के बीच इसके खिलाफ जागरूकता अभियान चलाना। इसके साथ दूसरा काम सीमावर्ती गांवों को वाइब्रेंट विलेज के ताैर पर विकसित करना। ये दोनों काम एक साथ चल रहे हैं। केंद्र के साथ जम्मू-कश्मीर प्रशासन खुद इन गांवों पर फोकस कर रहा है। लक्ष्य है कि सीमावर्ती गांव विकसित भारत के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ें।
वादा है…बहाल होगा राज्य का दर्जा
उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद परिसीमन और चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हुए। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के आश्वासन के अनुसार जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा भी बहाल किया जाएगा।
ड्रग्स तस्करी पर चौतरफा कार्रवाई
766 एफआईआर दर्ज की गई
– 856 लोगों को गिरफ्तार किया गया
– 677 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए
-410 ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किए गए
-286 वाहनों के आरसी निलंबित करने की सिफारिश की गई


