छत्तीसगढ़ रिपोर्टर में प्रकाशित समाचार को मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने गंभीरता से लिया और पूरे छत्तीसगढ़ में जांच शुरू करवायी
भागवत जायसवाल, बिलासपुर (म.प्र.)
‘छत्तीसगढ़ रिपोर्टर’ ने 11 से 17 जनवरी 1999 के अंक में ‘‘अरबों रुपए के चांवल घोटाले की जांच कड़ाई से शुरू: व्यापारियों में भारी हड़कंप’, के शीर्षक से खुलासा किया था, जिसमें छत्तीसगढ़ रिपोर्टर ने 9 नवंबर 1998 के अंक में “छत्तीसगढ़ में अरबों रुपए का चांवल घोटाला” के शीर्षक से खोजी पूर्ण समाचार प्रकाशित किया था, इस समाचार से भारी हड़कंप मचा और इसे गंभीरता से लेते हुए मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह ने छत्तीसगढ़ क्षेत्र के सभी जिला कलेक्टरों एवं खाद्य अधिकारियों को जांच कराने का आदेश दिये जिसके तहत सभी जिलों में नाकेबंदी कर रेल एवं रोड से भेजे जा रहे चांवल की जांच शुरू होते ही व्यापारियों में भारी अफरा-तफरी मच गयी। रायगढ़ में रोके गए रेक की जांच से दो ही राईस मिलों (फार्म) के ही चांवल जो बाहर भेजे जा रहे थे जिसमें 58 लाख का हेराफेरी पाया गया। जबकि वह दो ही राईस मिल द्वारा भेजे जा रहे चांवल का था, इस जांच को प्रभावित करने के लिए उच्च स्तर पर प्रयास शुरू हुए। मुख्यमंत्री के रायपुर प्रवास के समय व्यापारी संघ के प्रमुख और कुछ व्यापारियों की रात्रि लगभग 11-12 बजे गोपनीय चर्चा हुई। फिर भी मुख्यमंत्री ने जांच को प्रभावित नहीं होने दिया और बड़े पैमाने पर जांच हुई। जिसमें करोड़ों का चांवल घोटाला सामने आया और छत्तीसगढ़ क्षेत्र के 100 से भी अधिक राईस मिलों (फर्मों ) पर बड़ी कार्रवाई की गई ।



