
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
आगरा 11 मार्च 2026। आगरा की साइबर क्राइम पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर करोड़ों की ठगी करने वाले एक बेहद खतरनाक और शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने फतेहाबाद टोल के पास घेराबंदी कर गिरोह के तीन मुख्य सदस्यों को धर दबोचा। इनके पास से 153 अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड, करीब 1 लाख रुपए से ज्यादा की नकदी और एक लग्जरी कार बरामद हुई है।
ठगी का अनोखा और खतरनाक तरीका
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने जो खुलासा किया, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। ठगी का यह पूरा खेल फेवीक्विक (Fevikwik) के इर्द-गिर्द घूमता था। आरोपी सबसे पहले खाली पड़े एटीएम बूथ में घुसते और मशीन के कार्ड स्लॉट में फेवीक्विक डाल देते थे। जब कोई मासूम ग्राहक पैसा निकालने पहुंचता, तो फेवीक्विक की वजह से उसका कार्ड मशीन में फंस जाता। इसी दौरान पास खड़ा आरोपी मदद के बहाने आता और ग्राहक का पिन (PIN) देख लेता। आरोपी चालाकी से असली कार्ड निकालकर जेब में रख लेते और पीड़ित को दूसरा फर्जी कार्ड थमाकर कहते कि मशीन खराब है, बैंक जाकर पता करो। जैसे ही ग्राहक वहां से हटता, आरोपी असली कार्ड और पिन का इस्तेमाल कर चंद मिनटों में लाखों रुपए निकाल लेते।
5 राज्यों और यूपी के 35 जिलों में फैला था जाल
यह गिरोह केवल आगरा तक सीमित नहीं था। पुलिस के मुताबिक, यह दिल्ली, हरियाणा, यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश में सक्रिय था। उत्तर प्रदेश के ही करीब 35 जिलों (मेरठ, गाजियाबाद, मथुरा, सहारनपुर आदि) में इन्होंने 150 से ज्यादा वारदातों को अंजाम देकर करोड़ों रुपए डकारे हैं।
साइबर पुलिस की चेतावनी
पुलिस ने जनता को सलाह दी है कि बिना गार्ड वाले एटीएम का इस्तेमाल करने से बचें। कार्ड डालने से पहले स्लॉट को जरूर चेक करें। पिन डालते समय कीपैड को दूसरे हाथ से ढक लें। मशीन में कार्ड फंसने पर किसी अजनबी की मदद ना लें, तुरंत बैंक को सूचित करें।


