पिछले साल 186 लोगों की आंखों में लगी थी चोट

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
भोपाल, 27 अक्टूबर 2026। दीपावली और आगामी त्योहारों के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भोपाल पुलिस ने कार्बाइड गन और धमाके करने वाले खतरनाक उपकरणों के खिलाफ सख्ती की है। पुलिस कमिश्नर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर ऐसे उपकरणों के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाई है। आदेश के मुताबिक, लोहे, स्टील या पीवीसी पाइप में विस्फोटक अथवा ज्वलनशील पदार्थ भरकर तेज धमाका करने वाले उपकरणों का निर्माण और इस्तेमाल गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। इनमें कार्बाइड गन, कार्बाइड तोप, कार्बाइड लैम्प और इसी तरह के अन्य उपकरण शामिल हैं। ऐसे उपकरणों को तैयार करने, उनमें बदलाव करने, मरम्मत करने या जोड़ने जैसी गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
आंखों में चोट से लेकर आग और विस्फोट का खतरा
पुलिस के अनुसार, इन उपकरणों के इस्तेमाल से लोगों के घायल होने, आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचने, आग लगने और विस्फोट जैसी घटनाओं का खतरा रहता है। भीड़भाड़ वाले बाजारों, रिहायशी इलाकों और संकरी गलियों में इनका इस्तेमाल आसपास मौजूद लोगों के लिए भी जोखिम पैदा कर सकता है। बच्चों की मौजूदगी वाले स्थानों पर ऐसी गतिविधियां विशेष रूप से खतरनाक साबित हो सकती हैं।
निर्माण, बिक्री और भंडारण पर भी रोक
प्रतिबंध के दायरे में कार्बाइड गन, कार्बाइड तोप, कार्बाइड लैम्प और इस तरह के अन्य उपकरणों का अवैध निर्माण, संयोजन, रूपांतरण, मरम्मत और असेंबलिंग शामिल है। इनके अलावा उपकरणों को खरीदने-बेचने, बिक्री के लिए प्रदर्शित करने, वितरण करने, भंडारण करने और आपूर्ति करने जैसी गतिविधियों पर भी रोक लगाई गई है। पुलिस कमिश्नर के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। आदेश का उद्देश्य त्योहारों के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पटाखों और विस्फोटक उपकरणों से होने वाले हादसों को रोकना है।
पिछली दीपावली में 186 लोगों की आंखों में चोट
भोपाल में दीपावली 2025 के दौरान कार्बाइड गन से आंखों में चोट लगने के बड़ी संख्या में मामले सामने आए थे। इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने कार्बाइड गन और अवैध विस्फोटक उपकरणों पर सख्ती की थी। इस बार जारी आदेश को त्योहारों के दौरान ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भोपाल में दीपावली 2025 के दौरान पटाखों और कार्बाइड गन से जुड़ी घटनाओं में आंखों की चोट के 186 मामले सामने आए थे। इसमें 15 मरीजों को आंखों के उपचार के लिए सर्जरी करानी पड़ी। 10 मरीजों की आंखों में गंभीर आई थी। वहीं, प्रशासन की तरफ से 55 कार्बाइड गन जब्त की गई थी।


