मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जैतू साव मठ में की पूजा-अर्चना, हनुमान बावली का किया दर्शन

शेयर करे

1.90 करोड़ की लागत से पुरानी बस्ती क्षेत्र के धरोहरों के सौंदर्यीकरण के साथ बुनियादी सुविधाएं विकसित की गई हैं

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर  

रायपुर 26 अप्रैल 2023। राजधानी रायपुर में रायपुर दक्षिण विधानसभा में आज भेंट-मुलाकात के लिए निकले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जैतू साव मठ में पूजा-अर्चना की। उन्होंने पास ही स्थित हनुमान बावली का दर्शन किया। मुख्यमंत्री ने जैतू साव मठ में हेरिटेज वाक विकास कार्य का लोकार्पण भी किया। रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा हेरिटेज वाक विकास कार्यों के अंतर्गत एक करोड़ 90 लाख रूपए की लागत से पुरानी बस्ती क्षेत्र के ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों के सौंदर्यीकरण के साथ बुनियादी सुविधाएं विकसित की गई हैं। रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री रविन्द्र चौबे, गौसेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास, महापौर एजाज ढेबर और रायपुर नगर निगम के सभापति प्रमोद दुबे भी इस दौरान मौजूद थे। 

भेंट-मुलाकात के लिए निकले मुख्यमंत्री बघेल के पुरानी बस्ती पहुंचने पर स्थानीय रहवासियों ने फूलमाला पहनाकर, तिलक लगाकर और आरती उतारकर जोरदार स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने  यहां हनुमान बावली का दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने बावली से सटे ऐतिहासिक हनुमान मंदिर में भी पूजा की। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने बावली परिसर में मुख्यमंत्री का तिलक लगाकर, आरती उतारकर तथा गमछा व श्रीफल भेंटकर स्वागत किया। उन्होंने मानदेय में वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्मृति चिन्ह भेंटकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन भी किया।

मुख्यमंत्री बघेल ने पुरानी बस्ती में जैतू साव मठ में भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि का कामना की। उन्होंने यहां विराजित राधा-कृष्ण और हनुमान की भी पूजा की। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता आंदोलन का केंद्र रहे जैतू साव मठ परिसर में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति पर माल्यार्पण कर आदरांजलि दी। गौसेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास और मठ के व्यवस्थापकों ने मुख्यमंत्री को फूलमाला, शाल और श्रीफल भेंटकर उनका स्वागत किया।  

Leave a Reply

Next Post

श्रमिक दिवस पर विशेष आलेख : बटकी म बासी अउ चुटकी म नून, मैं गात हंव ददरिया तैं कान देके सुन

शेयर करे छत्तीसगढ़ रिपोर्टर   रायपुर, 26 अप्रैल 2023। भारत में खानपान को लेकर जो परंपराएं हैं उसमें हमेशा एक तत्व देखा गया है कि राज्यव्यवस्था हमेशा लोकजीवन के साथ उत्सवों में हिस्सा लेती थी। पुराने दौर में राजसूय यज्ञ होते थे जिसमें राजा स्वयं आम जनता के साथ ऐसे उत्सव […]

You May Like

'कुछ लोग निराशावादी ही हैं, भारत को नीचा दिखाना चाहते हैं', पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर बोला हमला....|....दिल्ली होटल अग्निकांड: 21 मौतों के मामले में होटल का रसोइया गिरफ्तार, मालिक के खिलाफ भी केस दर्ज....|....ईद मनाने निकले लेकिन...:सहारा रेगिस्तान में फंस गया ट्रक, 49 लोगों की तड़प-तड़प कर मौत....|....महागठबंधन में दरार! झामुमो ने बदली रणनीति, अब राज्यसभा की दोनों सीटों पर उतारेगी अपने उम्मीदवार....|....इबोला को लेकर छत्तीसगढ़ अलर्ट: स्वास्थ्य मंत्री बोले- क्वारंटाइन किए गए लोगों में नहीं मिले संक्रमण के लक्षण....|....पंजाब में भीषण सड़क हादसा: ट्रॉला और पिकअप में जबरदस्त टक्कर, डेरा ब्यास जा रहे आठ श्रद्धालुओं की मौत....|....35 सेकंड में युवती का कत्ल: ऑफिस में युवक ने किए 30 वार, एकतरफा प्यार और हत्या में परिवार के दावे से नया मोड़....|....'कूटनीति से ही समाधान संभव': यूएन से सम्मानित मेजर अभिलाषा का शांति संदेश, लेबनान के पुनर्निर्माण की बताई जरूरत....|....राष्ट्रीय स्तर पर 3% गिरावट के बीच यूपी का शानदार प्रदर्शन, जीएसटी संग्रह में 13% बढ़ोतरी, देश में नंबर वन....|....सुरक्षा कटौती पर बिहार में रार: पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने आवास से सुरक्षाकर्मियों को लौटाया; अपमान का लगाया आरोप