
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
नई दिल्ली 31 मई 2026। भारत ने वियतनाम को सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस देने का समझौता किया है। बताया जाता है कि समझौते पर हस्ताक्षर पहले ही हो चुके हैं। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने पहली बार आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि की है। इस सौदे का अब तक सार्वजनिक रूप से एलान नहीं किया गया था, लेकिन समझा जाता है कि दोनों देशों के बीच 60 अरब रुपये का यह समझौता हो चुका है। सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग के दौरान वियतनामी प्रतिनिधि के एक सवाल के जवाब में रक्षा सचिव ने यह जानकारी दी। यह पहली बार है जब भारत सरकार के किसी शीर्ष अधिकारी ने सार्वजनिक मंच से वियतनाम के साथ ब्रह्मोस सौदे के पूरा होने की पुष्टि की है।
दोनों देशों में आपसी व्यापार 25 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य
हाल ही में वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी का एलान किया था। प्रधानमंत्री मोदी और लाम की मौजूदगी में दोनों देशों ने 13 प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे। साथ ही 2030 तक आपसी व्यापार को 25 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी रखा था।
एशिया-प्रशांत में बदल सकते हैं सामरिक समीकरण
वियतनाम के साथ ब्रह्मोस समझौते के खुलासे के बाद एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सामरिक समीकरण बदल सकते हैं। चीन के साथ तनाव के बीच वियतनाम को ब्रह्मोस जैसी मारक मिसाइल मिलना उसकी रक्षा क्षमताओं को कई गुना बढ़ा देगा। फिलीपींस भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दुनिया का पहला देश है। इसके बाद इंडोनेशिया के साथ भी यह सौदा अंतिम चरण में है।


