
छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे बड़ा विश्वासघात!

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
रायपुर (छत्तीसगढ़) 13 नवंबर 2025। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने 13 नवंबर 2025 को अपने निवास सिविल लाईन रायपुर में प्रेस कांन्फ्रेंस में कहा कि आज मैं आपके सामने एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश कर रहा हूं, जो हमारे राज्य की जनता के साथ-साथ पूरे देश के साथ धोखा है। यह सिर्फ एक घोटाला नहीं, बल्कि 1.5 लाख करोड़ रुपये की सार्वजनिक संपत्ति की लूट है!
निशाने पर केंद्र और राज्य सरकार
छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने आगे कहा कि “हमारी आंखों के सामने धूल झोंकी जा रही है. कौन सी कंपनी है जिसको 11 दिनों के अंदर छह सरकार जिसमें तीन सेंट्रल गवर्नमेंट और तीन स्टेटगवर्नमेंट स्वीकृति एक के बाद एक प्रदान कर दी. ताकि उसको एनएमडीसी को बेचा जा सके. जो कंपनी प्रॉफिट में थी उसको लॉस पर लाया जा रहा है. इसे छत्तीसगढ़ की जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी. जब तक की निर्णय वापस नहीं लिया जाता. जब तक सीबीआई की जांच नहीं होती है. जब तक एनएमडीसी के CMD को बस्तर क्षेत्र में घुसने नहीं देंगे. एक जन आंदोलन करेंगे. लेकिन छत्तीसगढ़ की जनता ही छत्तीसगढ़ की संपत्ति की मालिक रहेगी.”
क्या है पूरा मामला?
वादा: 3 अक्टूबर 2023 को, खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरनार की धरती पर कहा – “केंद्र सरकार इस प्लांट का निजीकरण नहीं करेगी… यह देश के लोगों का है।”
धोखा: उसी के दो साल बाद, 3 अक्टूबर 2025 को एनएमडीसी स्टील लिमिटेड की आधिकारिक रिपोर्ट कहती है कि “रणनीतिक विनिवेश की प्रक्रिया जारी है!” यानी, जनता से झूठ बोला गया!
लूट: एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत
- नागरनार स्टील प्लांट (26,000 करोड़ की सार्वजनिक संपत्ति)
- बैलाडिला-4 और 5 की खदानें (85,000 करोड़ की संपत्ति)
- भविष्य के हजारों करोड़ के राजस्व
- यह सब अर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील को सुपुर्द करने की तैयारी है!
कैसे 11 दिनों में हुआ यह खेल
- 29 अक्टूबर 2025: NMDC नगरनार इस्पात संयंत्र के 90% शेयर को निजी कंपनी को बेचने की मंजूरी देती है।
- 1 नवंबर 2025: Ministry of Environment, Forest & Climate Change, Government of India पर्यावरण मंत्रालय नई किरंदुल-अनकापल्ली स्लरी पाइपलाइन को मंजूरी देती है।
- 7 नवंबर 2025: Ministry of Steel, Government of India इस्पात मंत्रालय नई किरंदुल-अनकापल्ली स्लरी पाइपलाइन को मंजूरी देती है।
- 9 नवंबर 2025: एक गजट अधिसूचना सुकमा, दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़), मलकानगिरी (ओडिशा), और विशाखापत्तनम, अनकापल्ली, अल्लूरी सीताराम राजू (आंध्र प्रदेश) में जमीन अधिग्रहण को अधिकृत करती है, जो औपचारिक रूप से ओडिशा सरकार को शामिल करती है।
वित्तीय घोटाला भी उजागर!
प्लांट को घाटे में दिखाने के लिए 120 करोड़ रुपये के कोयला आयात का नकली अनुबंध किया गया! एक ऐसी अमेरिकी कंपनी से, जो है ही नहीं! यह सीधा भ्रष्टाचार है!
हमारी मांगें स्पष्ट हैं:
1. इस 1.5 लाख करोड़ घोटाले की तत्काल CBI जांच।
2. निजीकरण के सभी प्रस्तावों की वापसी।
3. एनएमडीसी स्टील के सीएमडी से सार्वजनिक माफी।
4. नागरनार प्लांट को स्थायी रूप से सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई घोषित करने की कानूनी गारंटी।
हमने एक 15-दिवसीय अल्टीमेटम दिया है। अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं, तो हम छत्तीसगढ़ में एक ऐतिहासिक जन आंदोलन शुरू करेंगे। यह सिर्फ एक प्लांट का मुद्दा नहीं है। यह छत्तीसगढ़ की आत्मा, मेरे पिता स्वर्गीय श्री अजीत जोगी जी के सपने और आपके भविष्य की लड़ाई है!


