वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता: 67 वर्षीय कमला देवी बनीं अंतरराष्ट्रीय गोल्ड मेडलिस्ट, दुबई में बजाया भारत का डंका

शेयर करे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

मनेंद्रगढ़ 02 मई 2025। उम्र सिर्फ एक संख्या है… यह कहावत मनेंद्रगढ़ की कमला देवी मंगतानी ने सच कर दिखाई है। 67 वर्ष की आयु में जब अधिकतर लोग अपने शरीर की सीमाओं को स्वीकार कर बैठते हैं, तब कमला देवी ने अपने अटूट संकल्प, अनुशासन और आत्मबल से न सिर्फ जीवन को चुनौती दी, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में अपने शहर, राज्य और देश का नाम भी रोशन किया। कमला देवी मंगतानी पिछले 30 वर्षों से डायबिटीज जैसी जटिल बीमारी से जूझ रही हैं। एक समय था, जब डॉक्टरों ने इलाज से जवाब दे दिया था और चलने-फिरने में असमर्थता के कारण उन्हें बैसाखी थमा दी गई थी, लेकिन जहां एक ओर शरीर जवाब दे रहा था, वहीं दूसरी ओर उनका मनोबल और आत्मविश्वास नई उड़ान भरने को तैयार था। उन्होंने न केवल बैसाखी को छोड़ा, बल्कि अपने पैरों पर खड़ा होकर चलना शुरू किया। एक-एक कदम आगे बढ़ाते हुए उन्होंने जीवन के प्रति एक नया नजरिया अपनाया।

वेटलिफ्टिंग में महारत हासिल
कुछ ही वर्षों में उन्होंने खुद को इतना सशक्त बना लिया कि स्थानीय जिम में जाना शुरू कर दिया। पिछले पांच वर्षों से वे लगातार जिम में नियमित रूप से अभ्यास कर रही हैं, जहां उनके उम्र के लोग रिटायरमेंट के बाद आराम की जिंदगी जीते हैं, वहीं कमला देवी सुबह-सवेरे उठकर जिम में पसीना बहाने जाती हैं। जिम में उन्होंने खुद को न केवल फिट किया, बल्कि वजन उठाने (वेटलिफ्टिंग) जैसी कठिन कसरत में भी महारत हासिल कर ली।

वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया
उनकी मेहनत और जज्बे का परिणाम यह रहा कि उन्होंने विभिन्न स्तरों पर आयोजित वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं से शुरू होकर वे धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंच गईं। अब तक वे 100 से अधिक गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। इन पुरस्कारों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं शामिल हैं।

तीन गोल्ड मेडल और एक सिल्वर मेडल अपने नाम किए
सबसे हालिया और गौरवपूर्ण सफलता उन्हें दुबई में आयोजित 11वें अंतरराष्ट्रीय खेल समारोह में प्राप्त हुई। संयुक्त भारतीय खेल फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन दुबई स्पोर्ट्स काउंसिल के सानिध्य में 22 से 28 अप्रैल 2025 के बीच हुआ। इसमें दुनियाभर के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कमला देवी ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए तीन गोल्ड मेडल और एक सिल्वर मेडल अपने नाम किए। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से न केवल भारत, बल्कि छत्तीसगढ़ राज्य और विशेष रूप से मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले का नाम रोशन किया।

Leave a Reply

Next Post

मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों की रोमांचक झलक अब किडजानिया में

शेयर करेजंगल सफारी से रिवर राफ्टिंग तक, बच्चों ने किया मध्यप्रदेश का वर्चुअल सफर छत्तीसगढ़ रिपोर्टर मुंबई 06 मई 2025। मध्यप्रदेश इतिहास, संस्कृति, अध्यात्म और वन्यजीव का अद्भुत मिश्रण है। प्रदेश की वैभवशाली विरासत, वन्यजीव और समृद्ध संस्कृति को रोचक और आकर्षक रूप में किडजानिया के माध्यम से भावी पीढ़ी […]

You May Like

दोस्तों के साथ मामूली झगड़ा, फिर तीन दिन बाद प्लास्टिक बैग में मिला नाबालिग का शव…पुलिसवालों पर टूट पड़ी भीड़, फूंकी गाड़ियां....|....रामनवमी में DJ बैन पर झारखंड विधानसभा में बवाल, विधानसभा में भिड़े सत्ता और विपक्ष के विधायक....|....कबीरधाम में पशु तस्करी पर पुलिस का बड़ा प्रहार, चार आरोपी गिरफ्तार, सात मवेशी और दो पिकअप जब्त....|....संसद में उठा फारूक अब्दुल्ला पर फायरिंग का मुद्दा: खरगे के तीखे सवाल, नड्डा बोले- विपक्ष के ऐसे बयान निंदनीय....|....होर्मुज से गुजरेंगे भारतीय टैंकर: विदेश मंत्री जयशंकर और अराघची की बातचीत के बाद निकला रास्ता, मिली बड़ी राहत....|....सम्राट चौधरी के आवास पर पहली बार इतनी बड़ी बैठक; कुशवाहा और चौधरी आवास भी आ गया चर्चा में....|....शंकराचार्य बनाएंगे चतुरंगिणी सेना, शस्त्र उठाने से परहेज नहीं; गोरखपुर से शुरू होगी गविष्ठि यात्रा....|....'पड़ोसी देशों की रक्षा करेगा भारत', रक्षा राज्य मंत्री ने कहा-आतंकवाद बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे....|....महाराष्ट्र विधानसभा में बम की धमकी, बजट सत्र के बीच हड़कंप; पुलिस ने जांच शुरू की....|....मालाबार की चमक के पीछे का चेहरा: एम. पी. अहमद को ‘बिज़नेस भूषण’ अवॉर्ड