यूएस और यूरोप की धमकियां बेअसर, भारत को तेल बेचने वालों में टॉप पर पहुंचा रूस, इराक और सऊदी पीछे

Chhattisgarh Reporter
शेयर करे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

नई दिल्ली 03 नवंबर 2022। अमेरिका और यूरोप ने भले ही रूस से भारत की तेल खरीद को लेकर कई बार आपत्ति जताई है, लेकिन इससे दोनों देशों के कारोबारी रिश्तों पर कोई असर नहीं पड़ा है। यही नहीं अक्टूबर महीने में तो रूस ने भारत को तेल की सप्लाई के मामले में पहला नंबर हासिल कर लिया है। उसने इराक और सऊदी अरब को भारत को तेल एक्सपोर्ट करने के मामले में दूसरे और तीसरे नंबर पर धकेल दिया है। शिपिंग डेटा के आधार पर सामने आईं मार्केट रिपोर्ट्स में यह जानकारी दी गई है। भारत में हर दिन 5 मिलियन प्रति बैरल तेल का आयात होता है। इसमें अक्टूबर महीने में रूस की हिस्सेदारी 22 फीसदी की रही है, जबकि 2019 में उसका हिस्सा महज 1 फीसदी ही था।  

चीन और अमेरिका के बाद भारत दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है। वहीं कई सालों से भारत को तेल आयात में अव्वल रहने वाला इराक 20 फीसदी पर आ गया है, जबकि अपनी जरूरत का 16 फीसदी तेल भारत सऊदी अरब से आयात कर रहा है। रूस से भारत की तेल खरीद में इस साल फरवरी से इजाफा हुआ है। रूस की ओर से फरवरी में यूक्रेन पर अटैक किया गया था और इसके चलते अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी समेत कई पश्चिमी देशों ने रूस पर पाबंदियां लगा दी थीं। ऐसे में रूस की ओर से सस्ते दाम पर तेल बेचा जा रहा था और भारत ने मौके का लाभ लेते हुए बड़े पैमाने पर रूस से तेल की खरीद की है। 

कैसे अमेरिका और यूरोप का विरोध भारत ने किया खारिज

दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से इजाफा हुआ है और यह 139 डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुंचा है, जो 14 सालों के टॉप पर है। ऐसे में भारत के लिए रूस से तेल की खरीद करना फायदे का सौदा साबित हुआ है। बता दें कि भारत की ओर से रूसी तेल की खरीद पर अमेरिका और यूरोप ने आपत्ति जताई थी। इस पर कड़ा जवाब देते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने साफ कहा था कि हम किसी के फायदे या नुकसान में यह कदम नहीं उठा रहे हैं। तेल खरीद का हमारा फैसला देश हित को लेकर है ताकि हम लोगों को सही रेट पर तेल मुहैया करा सकें।

Leave a Reply

Next Post

सचिन पायलट का बयान, मल्लिकार्जुन खड़गे की कमान; राजस्थान संकट पर उठ रहे तीन बड़े सवाल

शेयर करे छत्तीसगढ़ रिपोर्टर नई दिल्ली 03 नवंबर 2022। कांग्रेस के नए अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कमान संभाल चुके हैं, लेकिन राजस्थान मसले का हल निकाला जाना बाकी है। इसी बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच नया तनाव खड़ा होता दिख रहा है। अब पायलट ने […]

You May Like

छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिन सक्रिय रहेगा मानसून....|....नीट को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान....|....वाटर कैनन भी हम पर, आंसू गैस भी हम पर, पत्थर और डंडे से प्रहार भी हम पर और एफआईआर भी हम पर, शर्म करो सरकार - दीपक बैज....|....हिंदी विश्वविद्यालय में लोकमान्य तिलक एवं चंद्रशेखर आज़ाद को किया अभिवादन....|....TPS Music पर रोमांस की नई बहार, तिवारी सरकार के गीतों की होगी लगातार बारिश....|....कारोबारियों के नाम कैशफ्री का फेस्टिव गिफ्ट....|....सही त्वचा विशेषज्ञ तक पहुंच अब होगी आसान, लॉन्च हुआ XELIX प्लेटफॉर्म....|....एसईसीएल में कोयला डिस्पैच व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने की दिशा में सतर्कता विभाग की महत्वपूर्ण पहल....|....अतिथि शिक्षकों को बसों में भरकर ले गई पुलिस....|....परेशान युवक ने खुद का काटा गला