
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
कोलकाता 01 अप्रैल 2025। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के पाथर प्रतिमा में सोमवार रात भीषण हादसा हो गया। यहां एक घर में गैस सिलेंडर में भीषण विस्फोट हुआ, जिसके कारण आठ लोगों की मौत हो गई। सुंदरबन पुलिस जिले के एसपी कोटेश्वर राव ने बताया कि मरने वालों में चार बच्चों और दो महिलाएं भी शामिल हैं। मृतक संभवतः एक ही परिवार के थे। उन्होंने यह भी बताया कि पाथर प्रतिमा ब्लॉक के धोलाघाट गांव में रात करीब 9 बजे हुए विस्फोट में एक महिला भी घायल हुई। सभी शव बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस ने बताया कि पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में एक घर में हुए विस्फोट में घायल एक और व्यक्ति की मंगलवार सुबह मौत हो गई, जिससे मरने वालों की संख्या आठ हो गई। उन्होंने बताया कि सोमवार रात को पाथर प्रतिमा के धोलाहाट में एक घर में हुए गैस सिलेंडर विस्फोट में चार बच्चों समेत सात लोगों की मौत हो गई थी।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘सुतापा जना लगभग 75 प्रतिशत जल गई थी और आज सुबह कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में उसकी मौत हो गई।’ उन्होंने बताया कि अन्य मृतकों की पहचान प्रभाती बानिक (80), अरबिंद बानिक (65), स्वंतना बानिक (28), अर्नब बानिक (9), अनुष्का बानिक (6) और दो छह महीने के बच्चे अस्मिता और अंकित के रूप में हुई है।
टीएमसी विधायक का बड़ा दावा
पाथर प्रतिमा के टीएमसी विधायक समीर कुमार जना ने कहा कि घर से कुछ मीटर की दूरी पर एक अधिकृत पटाखा निर्माण इकाई थी। वे काफी समय से व्यवसाय चला रहे थे और मुझे जानकारी है कि उनके पास लाइसेंस था। कल रात उनके घर में विस्फोट हुआ। संभवतः उन्होंने वहां पटाखे बनाने के लिए कुछ कच्चा माल रखा हुआ था।
पटाखा बनाने की इकाई का दावा गलत
सुंदरबन के पुलिस अधीक्षक कोटेश्वर राव ने बताया कि जिस दो मंजिला घर में यह घटना हुई, उसमें परिवार के 11 सदस्य रहते थे। उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘यह गलत है कि घर के अंदर पटाखा बनाने की इकाई चल रही थी। यह एक आवासीय इमारत थी। कोई पटाखा इकाई नहीं चल रही थी।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि यह इमारत एक आवासीय क्षेत्र में स्थित है और वहां पटाखा इकाई होने का कोई सवाल ही नहीं है। राव ने कहा कि इस बात की जांच की जानी चाहिए कि घर में मिली कुछ वस्तुएं पटाखे बनाने के लिए कच्चा माल थीं या नहीं। उन्होंने कहा, ‘हम फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर काम करेंगे।’
भाजपा ने डीजीपी और ममता को घेरा
विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि जिस इमारत में यह घटना हुई, वह क्रूड बम निर्माण इकाई थी। उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ‘गंभीर कार्रवाई किए जाने से पहले और कितनी घटनाएं होंगी? डीजीपी को जवाब देना चाहिए कि पश्चिम बंगाल राज्य कच्चे बमों के ढेर पर क्यों बैठा है?’ उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में ऐसी घटनाओं के लिए बिल्कुल भी जवाबदेही नहीं है। अक्षम पुलिस मंत्री ममता बनर्जी को ऐसा होने देने के लिए दोषी ठहराया जाना चाहिए।


