हाथरस केस: सुप्रीम कोर्ट का यूपी सरकार को आदेश,फैमिली के सुरक्षा पर दाखिल करें हलफनामा

Chhattisgarh Reporter
शेयर करे

सुप्रीम कोर्ट ने हाथरस की घटना को भयानक बताया है

शीर्ष अदालत ने यूपी सरकार से गवाहों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार से हलफनामा मांगा

यूपी सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की

यूपी सरकार की तरफ से बनाई गई SIT ने वारदात वाली जगह का जायजा लिया, कल रिपोर्ट देगी

अब 8 अक्टूबर को मामले की अगली सुनवाई होगी

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

हाथरस गैंगरेप मामले की हाईलेवल जांच की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। यूपी सरकार ने कोर्ट में फोरेंसिक रिपोर्ट सौंपी, उसमें रेप के सबूत नहीं मिलने का जिक्र है। वहीं, चीफ जस्टिस एस ए बोबडे ने पिटीशनर की वकील इंदिरा जयसिंह से कहा, “हाथरस की घटना भयानक और चौंकाने वाली थी। हम नहीं चाहते कि बार-बार दलीलें दोहराई जाएं। आपको इसलिए सुन रहे हैं, क्योंकि यह असाधारण मामला है। हम सुनिश्चित करेंगे कि जांच सही तरीके से हो।”

कोर्ट ने यूपी सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि पीड़ित परिवार और गवाहों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए जा रहे हैं? एफिडेविट देकर बताएं। इस मामले में अगले हफ्ते फिर सुनवाई होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से 3 सवाल पूछे

  1. पीड़ित परिवार और गवाहों की सुरक्षा के लिए क्या कर रहे हैं?
  2. क्या पीड़ित परिवार ने वकील चुन लिया है?
  3. क्या इलाहाबाद हाईकोर्ट की कार्यवाही से इस केस का दायरा बढ़ सकता है?

सॉलिसिटर जनरल का जवाब

मेहता ने कहा, “पीड़ित परिवार को पहले ही सुरक्षा मुहैया करवाई जा चुकी है। कोर्ट के बाहर कई तरह की बातें हो रही हैं। किसी केंद्रीय एजेंसी से जांच करवाने और निगरानी रखने से यह सिलसिला रुक सकता है।”

इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से कोर्ट में एक एफिडेविट दिया गया। इसमें कहा गया, “स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच के आदेश दिए जाएं। सुप्रीम कोर्ट को खुद भी CBI जांच की निगरानी करनी चाहिए। पीड़ित का अंतिम संस्कार रात में इसलिए किया गया, क्योंकि दिन में हिंसा भड़कने की आशंका थी। इंटेलीजेंस इनपुट मिला था कि इस मामले को जातिवाद का मुद्दा बनाया जा रहा है और पीड़ित के अंतिम संस्कार में लाखों प्रदर्शनकारी जमा हो सकते हैं।”

एफिडेविट में यह भी कहा गया है कि हाथरस मामले में सरकार को बदनाम करने के लिए नफरत भरा कैंपेन चलाया गया। अब तक की जांच में पता चला है कि कुछ लोग अपने हितों के लिए निष्पक्ष जांच को प्रभावित करना चाहते हैं।

उधर, यूपी सरकार की तरफ से बनाई गई SIT ने पीड़ित के गांव बुलगढ़ी में वारदात वाली जगह का जायजा लिया। SIT बुधवार को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी। इस मामले की हाईलेवल जांच की अर्जी लगाने वाले सोशल एक्टिविस्ट सत्यम दुबे, वकील विशाल ठाकरे और रुद्र प्रताप यादव ने अपील की है कि इस केस की जांच सीबीआई या सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड या मौजूदा जज या फिर हाईकोर्ट के जज से करवाई जाए।

पिटीशनर्स का दावा- यूपी पुलिस ने झूठी बातें फैलाईं

पिटीशनर्स ने यह अपील भी की है कि हाथरस केस को दिल्ली ट्रांसफर करने का आदेश जारी किया जाए, क्योंकि उत्तर प्रदेश पुलिस-प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ सही कार्रवाई नहीं की। पीड़ित की मौत के बाद पुलिस ने जल्दबाजी में रात में ही शव जला दिया और कहा कि परिवार की सहमति से ऐसा किया गया। लेकिन, यह सच नहीं है, क्योंकि पुलिसवाले ने खुद चिता को आग लगाई और मीडिया को भी नहीं आने दिया था।

पिटीशनर्स ने कहा है कि पुलिस ने पीड़ित के लिए अपनी ड्यूटी निभाने की बजाय आरोपियों को बचाने की कोशिश की। ऊंची जाति के लोगों ने पीड़ित के परिवार का शोषण किया, लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया।

क्या है पूरा मामला?

हाथरस जिले के चंदपा इलाके के बुलगढ़ी गांव में 14 सितंबर को 4 लोगों ने 19 साल की दलित युवती से गैंगरेप किया था। आरोपियों ने युवती की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी और उसकी जीभ भी काट दी थी। दिल्ली में इलाज के दौरान 29 सितंबर को पीड़ित की मौत हो गई।

इस मामले में चारों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि दुष्कर्म नहीं हुआ था। उधर, यूपी सरकार इस मामले की जांच SIT से करवा रही है। CBI जांच की सिफारिश भी की है। पीड़ित का शव जल्दबाजी में जलाने और लापरवाही के आरोपों के बीच हाथरस के एसपी समेत 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए हैं।

Leave a Reply

Next Post

कृषि विश्वविद्यालय का रायगढ़ केन्द्र भारत के सर्वश्रेष्ठ मसाला अनुसंधान केन्द्र के रूप में सम्मानित

शेयर करेमसाला फसलों की नयी किस्मों के विकास एवं अनुसंधान के लिए मिला सम्मान छत्तीसगढ़ रिपोर्टर रायपुर 06 अक्टूबर 2020। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, रायगढ़ के मसाला अनुसंधान केन्द्र को वर्ष 2019-20 के लिए भारत के सर्वश्रेष्ठ मसाला अनुसंधान केन्द्र के रूप […]

You May Like

3000 रुपये पेंशन, 50 लाख का हेल्थ इंश्योरेंस... चुनाव से पहले राहुल गांधी ने किया बड़ा ऐलान....|....भारत की नारी शक्ति की उपलब्धियां गौरव का स्रोत हैं: पीएम मोदी....|....कलचा गांव में रंग लगाने के विवाद में दो लोगों की हत्या, पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार....|....दिल्ली के बाजारों में युद्ध का असर, इलेक्ट्रॉनिक सामान महंगा; बासमती चावल के दाम गिरे....|....भाई ने लांघीं बर्बरता की हदें: हिमशिखा के शरीर पर थे 80 से ज्यादा जख्म, छलनी हो गया था लिवर, किडनी और हार्ट....|....बोर्ड परीक्षाएं खत्म होने की खुशी पड़ी जिंदगी पर भारी, ओडिशा में पांच स्कूली छात्रों की डूबने से मौत....|....ईरान के कई तेल डिपो पर अमेरिका और इस्राइल का बड़ा हमला, तेहरान में धुएं और आग से दहशत....|....अकेली महिला ने गांव में जला दी शिक्षा की अलख, 140 बालिका बनी स्टेट खिलाड़ी....|....न्यूयॉर्क मेयर ममदानी के आवास पर बम हमले की कोशिश, हिरासत में दो लोग; स्थिति तनावपूर्ण....|....मोदी सरकार ने देश को शर्मसार किया - दीपक बैज