
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
मंडी धनौरा (अमरोहा) 09 मार्च 2026। चांदपुर मार्ग पर ग्राम चुचैला कलां स्थित मटर फ्रोजन प्लांट में रविवार की दोपहर बाद अमोनिया गैस का रिसाव हो गया। गैस का रिसाव होते ही प्लांट के भीतर काम कर रहे कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। तमाम कर्मचारी दौड़कर बाहर आ गए। हालांकि छह महिलाओं की हालत बिगड़ गई। प्रबंधन ने महिला कर्मचारियों का चुचैला कलां के एक निजी अस्पताल में इलाज कराया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। चांदपुर मार्ग पर अपराइट इनोवेटिव सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड नाम से मटर फ्रोजन प्लांट है। इस प्लांट में मटर के दाने को फ्रीज किया जाता है। रविवार की दोपहर बाद प्लांट से अमोनिया गैस का रिसाव हो गया। गैस रिसाव होते ही भीतर काम कर रहे कर्मचारियों को सांस लेने में दिक्कत होनी शुरू हो गई।
गैस रिसाव होने की जानकारी मिलते ही प्लांट में काम कर रहे कर्मचारी दौड़ कर बाहर आ गए। लेकिन महिला कर्मचारियों को दिक्कत हुई। गैस के प्रभाव में आकर वे बेसुध हो गई। प्रबंधन से जुड़े लोग महिलाओं को लेकर गांव के एक निजी अस्पताल लेकर आए। वहां उनका उपचार कराया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद महिला कर्मचारियों की हालत में सुधार होने पर प्रबंधन के लोग उनको किसी अज्ञात स्थान पर ले गए। प्लांट में गैस रिसाव की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। प्रभारी निरीक्षक अमरपाल सिंह ने बताया कि प्लांट में गैस के रिसाव की सूचना मिली थी। उसमें दो महिला कर्मचारियों की हालत बिगड़ी थी। प्राथमिक उपचार के बाद तबीयत सही होने पर उनको घर भेज दिया गया है।
गैस रिसाव के बाद लोग दहशत में
मटर फ्रोजन प्लांट में गैस रिसाव के बाद सुरक्षा इंतजाम पर सवालिया निशान लगने शुरू हो गए हैं। गनीमत यह रही कि गैस रिसाव के बाद कोई गंभीर रूप से बीमार नहीं हुआ। हालांकि घटना के बाद आसपास के लोग दहशत में दिखाई दिए। रविवार की दोपहर बाद गैस रिसाव के बाद प्रबंधन ने पीड़ितों के उपचार के लिए प्रयास किए। लेकिन घटना के बाद लोग दहशत में रहे। ग्रामीणों ने बताया कि फैक्टरी चांदपुर मार्ग पर स्थित है।
गैस रिसाव के बाद कुछ देर के लिए वहां अफरा तफरी का माहौल रहा। प्रबंधन ने घटना को छिपाने के लिए प्रयास भी किए। लेकिन निजी अस्पताल के स्टाफ से घटना की जानकारी बाहर आ गई। चुचैला कलां के एक ग्रामीण ने बताया कि करीब छह माह पहले भी गांव के ही इरफान नामक युवक काम करने के दौरान प्लांट में घायल हो गया था। बाद में उसकी मौत हो गई थी।
पूर्व में भी जनपद में गैस रिसाव की घटनाएं हो चुकी हैं
जनपद में पहले भी गैस रिसाव की घटनाएं हो चुकी हैं। सामाजिक व किसान संगठन इसके खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। लेकिन प्रशासन की ओर से कोई पुख्ता कार्रवाई नहीं की गई। गजरौला की औद्योगिक इकाइयों में गैस रिसाव की घटनाएं होती रही है। मटर फैक्टरी में हुई गैस रिसाव के बाद प्रशासन को भी इसके प्रति गंभीर होना होगा। वही दूसरी ओरमटर फ्रोजन प्लांट के प्रबंधक मनीष चौधरी का कहना है कि वह निजी कार्य से बाहर हैं। उनको घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है।


