राजद की याचिका पर सरकार को नोटिस, आरक्षण बढ़ाने वाला कानून रद्द करने के हाईकोर्ट के फैसले को दी है चुनौती

Chhattisgarh Reporter
शेयर करे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

नई दिल्ली 06 सितंबर 2024। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की याचिका पर केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। दरअसल, याचिका में पटना हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें बिहार सरकार की ओर से शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक नौकरियों में एससी, एसटी और ओबीसी का आरक्षण 50 से बढ़ाकर 65 फीसदी करने के फैसले को खारिज कर दिया था। सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने राजद की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पी विल्सन की इस दलील पर संज्ञान लिया कि याचिका पर फैसला किए जाने की आवश्यकता है। वहीं, शीर्ष अदालत ने नोटिस जारी किया और लंबित याचिकाओं के साथ इसे भी जोड़ दिया। 

पटना हाईकोर्ट के निर्णय पर रोक लगाने से किया था इनकार
दरअसल, इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 29 जुलाई को इसी तरह की 10 अन्य याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने 20 जून को बिहार सरकार की ओर से शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक नौकरियों में एससी, एसटी और ओबीसी का आरक्षण 50 से बढ़ाकर 65 फीसदी करने के फैसले को खारिज कर दिया था, जिसके बाद बिहार सरकार ने भी शीर्ष अदालत का रुख किया था। पीठ फैसले के खिलाफ बिहार सरकार की याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सहमत हो गई थी।

हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने बिहार पदों और सेवाओं में रिक्तियों में आरक्षण (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए) संशोधनअधिनियम, 2023 और बिहार (शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश में) आरक्षण संशोधन अधिनियम, 2023 को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं को अनुमति दे दी थी। 

बिहार सरकार ने हाईकोर्ट के द़ृष्टिकोण की वैधता पर उठाए सवाल
बिहार सरकार ने अपनी याचिका में हाईकोर्ट के इस दृष्टिकोण की वैधता पर सवाल उठाया था कि कोटा वृद्धि ने रोजगार और शिक्षा के मामलों में नागरिकों के लिए समान अवसर के अधिकार का उल्लंघन किया है। राज्य का कहना था कि हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से किए गए जाति सर्वेक्षण के बाद पारित बिहार पदों और सेवाओं में रिक्तियों का आरक्षण (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए) संशोधन अधिनियम, 2023 को गलत तरीके से रद्द कर दिया।

जाति सर्वेक्षण रिपोर्ट छापने वाला एकमात्र राज्य
याचिका में यह भी कहा गया था कि बिहार एकमात्र राज्य है जिसने यह अभ्यास किया और पूरी आबादी की सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक स्थितियों पर अपनी जाति सर्वेक्षण रिपोर्ट प्रकाशित की। राज्य ने कहा था कि उसने इस अदालत के बाध्यकारी निर्णयों का अनुपालन किया है और फिर आरक्षण अधिनियमों में संशोधन किया है। हालांकि, हाईकोर्ट संविधान के अनुच्छेद 16(4) की वास्तविक प्रकृति और महत्व को समझने में विफल रहा, जो कि इंद्रा साहनी (मंडल आयोग), जयश्री लक्ष्मणराव पाटिल (मराठा कोटा) और कई अन्य मामलों सहित कई मामलों में शीर्ष अदालत की ओर से निर्धारित कानून के अनुसार है।

Leave a Reply

Next Post

आप को बड़ा झटका: कांग्रेस के 'हाथ' के साथ हुए राजेंद्र पाल गौतम, विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया भी होंगे शामिल

शेयर करे छत्तीसगढ़ रिपोर्टर   नई दिल्ली 06 सितंबर 2024। दिल्ली में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने आम आदमी को बड़ा झटका दे दिया है। कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन के दौरान दिल्ली विधायक राजेंद्र पाल गौतम कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। खबर है कि […]

You May Like

छतरपुर में पांच घंटे बवाल: महोबा रोड चौकी के पास हिंसा, पुलिस पर भी पथराव; इस छोटी सी बात पर शुरू हुआ विवाद....|....जेएसएससी उर्दू के रिजल्ट पर बवाल, 17 प्रश्नों में त्रुटि का आरोप; अभ्यर्थियों ने उठाए सवाल....|....जगदलपुर जेल में नक्सल कैदी बाथरूम में फिसला, उपचार के दौरान अस्पताल में मौत....|....गांदरबल में एलजी मनोज सिन्हा की पदयात्रा: नशा विरोधी अभियान को बताया जन आंदोलन, 1,100 से ज्यादा तस्कर गिरफ्तार....|....स्क्रीनिंग से बच रहे श्रद्धालु, बदरीनाथ धाम पहुंचने पर बिगड़ रही तबीयत, अब तक 40 की मौत....|....सीएम योगी ने एक पेड़ मां के नाम अभियान का किया शुभारंभ, बोले- पर्यावरण संकट मानव निर्मित आपदा....|....रक्षा क्षमता को मिलेगा नया आयाम: भारत खरीदेगा 20 हजार करोड़ के ड्रोन; 18 से 24 महीनों के भीतर होगी आपूर्ति....|....जनरल द्विवेदी बोले- सेना में अफसर बनने की हर कसौटी पर खरे हैं जेन-जी, जोखिम से नहीं घबराती यह पीढ़ी....|....‘छात्रों का भरोसा लौटाना जरूरी': नीट-यूजी मामले में दिग्विजय सिंह का पीएम को पत्र, कहा- श्वेत पत्र करें जारी....|....भाजपा नेता अन्नामलाई का इस्तीफा नितिन नवीन ने किया स्वीकार, पूर्व IPS आज बताएंगे आगे का प्लान