
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
इंफाल 20 अप्रैल 2026। मणिपुर के इंफाल पूर्वी जिले में ‘कोइरेंगई आवांग अपुंबा मीरा पैबी’ के नेतृत्व में एक बड़ा विरोध मार्च निकाला गया। सैकड़ों महिलाएं सड़कों पर उतरीं। उन्होंने अपनी कई मांगों को लेकर आवाज उठाई।
विरोध प्रदर्शन करने वालों की क्या मांगें हैं?
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में आगामी जनगणना से पहले राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू करना, राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) पर मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करना, कथित नार्को-आतंकी गतिविधियों पर सैन्य कार्रवाई करना और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के पुनर्वास को तुरंत रोकना शामिल था। कोइरेंगई आवांग अपुंबा मीरा पैबी एक स्थानीय महिला संगठन है। उन्होंने कथित छद्म युद्ध (प्रॉक्सी वॉर) पर चिंता जताई और आरोप लगाया कि ड्रग्स और आतंक से जुड़े समूह (नार्को-आतंकी) राष्ट्रीय राजमार्गों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो नहीं होना चाहिए। इसलिए वे सरकार से मांग कर रहे हैं कि सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सड़कों पर आम लोगों की सुरक्षा बनी रहे और कानून-व्यवस्था ठीक हो सके।
मणिपुर अखंडता समन्वय समिति (कोकोमी) के प्रवक्ता नहाकपम शांता ने कहा, यह विरोध प्रदर्शन सेक्माई के अलग-अलग इलाकों से शुरू हुआ, जिसमें केइकोल से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और अब यह कोइरेंगई तक फैल गया है। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शन कोकोमी और अन्य संगठनों की ओर से घोषित विभिन्न आंदोलनों का हिस्सा है।


