
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
कोलकाता 26 फरवरी 2026। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि राज्य में चल रही मतदाता सूची की विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया (एसआईआर) के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम जानबूझकर हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह एक ‘साजिश’ हो सकती है, जिसके तहत करीब 1.2 करोड़ मतदाताओं के नाम अंतिम वोटर लिस्ट से हटाने की कोशिश की जा रही है।
‘पहले चरण में 58 लाख मतदाताओं के नाम कटे’
सीएम ममता बनर्जी के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पहले चरण के बाद ही 58 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए। उनका दावा है कि 14 फरवरी को आपत्तियों की सुनवाई की आखिरी तारीख खत्म होने के बाद भी करीब 20 लाख और असली मतदाताओं के नाम ‘तार्किक गड़बड़ियों’ के नाम पर चुपचाप हटा दिए गए। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी को जो अंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशित होने वाली है, उसमें करीब 80 लाख नाम हटाए जा सकते हैं और बाद में सप्लीमेंट्री लिस्ट के जरिए 40 लाख और नाम हटाने की आशंका है।
‘कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं दिख रहा सुधार’
कोलकाता के भवानीपुर में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि वह उन सभी लोगों के साथ खड़ी रहेंगी जिनके नाम ‘गलत तरीके से’ हटाए जा रहे हैं। उन्होंने बिना सीधे तौर पर चुनाव आयोग का नाम लिए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में उन्होंने इस मामले को उठाया है, लेकिन अदालत के आदेश के बाद भी हालात में सुधार नहीं दिख रहा। सीएम ने कहा कि वह किसी मतदाता को उसकी राजनीतिक विचारधारा या धर्म के आधार पर नहीं देखतीं, बल्कि हर वैध मतदाता का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मैं केवल इतना चाहती हूं कि लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार छीने न जाएं। जियो और जीने दो।
₹850 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन/शिलान्यास
इस कार्यक्रम में उन्होंने 850 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इनमें न्यू टाउन में लगभग 28.77 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला माइनॉरिटी सेंटर शामिल है, जहां जैन, सिख, मुस्लिम, ईसाई और बौद्ध समुदाय अपने कार्यक्रम कर सकेंगे। इसके अलावा कोलकाता में संत कुटिया गुरुद्वारा गेट का उद्घाटन, फुरफुरा शरीफ में 100 बेड का मदर एंड चाइल्ड हब, सुंदरबन के गोसाबा में ग्रामीण अस्पताल, टॉलीगंज में नया फायर ब्रिगेड स्टेशन और 100 एसी व 20 नॉन-एसी सीएनजी बसों की शुरुआत भी की गई।


