भाजपा संगठन में बड़े बदलाव: चार राज्य के प्रदेशाध्यक्ष बदले, एक केंद्रीय मंत्री और एनटीआर की बेटी को भी जिम्मेदारी

शेयर करे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

नई दिल्ली 04 जुलाई 2023। भाजपा ने मंगलवार को संगठन में बड़े बदलाव किए। इस दौरान केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी को तेलंगाना के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है। एनटीआर की बेटी और तेदेपा अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू की रिश्तेदार डी. पुरंदेश्वरी को आंध्र प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी झारखंड और सुनील जाखड़ पंजाब के पार्टी प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए हैं। इसके अलावा एटाला राजेंदर को तेलंगाना भाजपा के चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष और आंध्रप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है। 

पीएम मोदी-शाह और नड्डा ने की थी अहम बैठक
इससे पहले 28 जून को देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी के संगठन महासचिव बीएल संतोष के साथ बैठक की थी। इस बैठक से भी पहले अमित शाह ने नड्डा, बीएल संतोष और आरएसएस के एक शीर्ष पदाधिकारी अरुण कुमार के साथ कम से कम पांच मैराथन बैठक की थी। पांच जून, छह जून और सात जून को इन शीर्ष नेताओं ने भाजपा मुख्यालय पर लंबी बैठक कर पार्टी में बदलाव की रूपरेखा तैयार की थी। इसके बाद प्रधानमंत्री के साथ हुई बैठक में इन बदलावों पर चर्चा हुई और पीएम ने बदलावों पर अपनी मुहर लगाई। 

चुनावी राज्यों में बदलाव!
बैठक में चुनावी राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना को लेकर भी चर्चा हुई थी। अटकलें थीं कि इन राज्यों से कुछ लोगों को सरकार में लाया जा सकता है तो कुछ मंत्रियों को बेहतर कामकाज के लिए संगठन में भेजा जा सकता है और हुआ भी कुछ ऐसा ही। तेलंगाना में इस साल चुनाव होने हैं और वहां का जिम्मा केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी को दिया गया है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले साल लोकसभा के सियासी संग्राम के साथ होने हैं, ऐसे में यहां पूर्व मुख्यमंत्री की रिश्तेदार पर दांव लगाकर भाजपा ने समीकरण साधने की कोशिश की है। 

इस वजह से जरूरी हुआ बदलाव
जिस तरह विपक्षी दलों ने पटना में एकता बैठक कर भाजपा को चुनौती देने की कोशिश की, उससे भी पार्टी को अपनी चुनावी तैयारियों को दुबारा सही करने की जरूरत महसूस हुई। कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश के चुनाव परिणामों ने भी पार्टी को अपनी चुनावी रणनीति पर पुनर्विचार करने की जरूरत बताई। कांग्रेस ने जिस तरह विभिन्न राज्यों में मुफ्त चुनावी वादों से चुनावी समीकरणों में नया पेंच पैदा किया है, केंद्र सरकार के सामने उससे निपटना नई चुनौती हो गई है। बदलावों में इन सभी चुनौतियों से निपटने की रणनीति दिखाई दे रही है।

Leave a Reply

Next Post

बालोद पुलिस कंट्रोल रूम में घुसा हाथी, जान बचाने छिपे कर्मचारी; कोरबा में महिला पर किया हमला

शेयर करे छत्तीसगढ़ रिपोर्टर बालोद 04 जुलाई 2023। छत्तीसगढ़ में लगातार हाथियों का उत्पात बढ़ता जा रहा है। अंबिकापुर, जशपुर, महासमुंद और कोरबा में उत्पात मचा रहे हाथी अब बालोद तक पहुंच गए हैं। दल से बिछड़कर एक हाथी सोमवार रात शहर में घुस आया। इसके चलते हड़कंप मच गया। […]

You May Like

छत्तीसगढ़ में निकली एएनएम, स्टाफ नर्स समेत कई पदों पर भर्ती....|....गौधाम योजना निकली हवाहवाई पशुधन सड़कों पर भटक रहे, दुर्घटना हो रहा....|....लगातार तीसरा स्वर्ण जीतने पर टिकीं मीराबाई चानू की निगाहें....|....अडवार नदी का रपटा डूबा, नदी-नाले उफान पर....|....संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में शुल्क वृद्धि पर युवा कांग्रेस का आंदोलन....|....पूर्व क्रिकेटर पर 17.52 लाख की धोखाधड़ी का आरोप....|....रोपा लगाने जा रही महिलाओं से भरा ट्रैक्टर पलटा, दो की मौत; छह घायल....|....मानसून की बारिश में हीराकुंड डैम लबालब....|....वर्षा प्रभावितों के लिए उचित मुआवजा की घोषणा करें सरकार- त्रिलोक चंद्र श्रीवास....|....कोल इंडिया के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अभियान के तहत एसईसीएल ने बिलासपुर में एक ही दिन में 15 हजार पौधों का वृहद् पौधरोपण