कोरबा और कटघोरा वन मंडल में हाथियों के झुंड ने मचाया उत्पात, फसलें की बर्बाद, ग्रामीणों में दहशत

admin
शेयर करे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

कोरबा 21 नवंबर 2025। वनमंडल कोरबा के करतला और बालकोनगर रेंज में हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। बालको रेंज में सक्रिय 12 हाथियों का दल ग्राम सरईपाली में 10 ग्रामीणों के खेतों को तहस नहस करने के बाद ग्राम सोनगुड़ा पहुंच गया है। वहीं, करतला रेंज के ग्राम बोड़ाझाप में मौजूद हाथी आगे बढकर ग्राम सेंद्रीपाली के जंगल में डेरा डाल दिया है। हाथियों के दल ने यहां पहुंचने से पहले रास्ते में अनेक किसानों की धान फसल को बर्बाद कर दिया है। जिसका आंकलन वन विभाग द्वारा किया जा रहा है। बालको रेंजर जयंत सरकार ने बताया कि उनके रेंज में मौजूद हाथियों के अजगरबहार क्षेत्र की ओर बढने की संभावना है। वहां के स्टाफ को सतर्क कर दिया गया है और उनसे हाथियों की निगरानी के साथ क्षेत्र में मुनादी कराने की तैयारी रखने को कहा गया है। इस बीच कटघोरा वनमंडल के एतमानगर रेंज में 53 हाथी अभी भी पचरा जंगल में डेरा डाले हुए हैं। हाथियों का यह दल रात में जंगल से निकलकर गांव के निकट पहुंचता है तथा वहां खेतों में उत्पात मचाने तथा फसल को तहस-नहस करने के बाद वापस जंगल लौट जाता है। हाथियों के उत्पात से क्षेत्र के ग्रामीण हलाकान हैं। वहीं, हाथियों के डेरा डालने से उनमें दहशत भी व्याप्त है। 

वहीं, कटघोरा वन मंडल के ऐतमा परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत पचरा में 53 हाथियों का विशाल झुंड पहुंच गया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से पूरे ग्राम में भय का माहौल बन गया। हाथियों की आवाज और गतिविधियों को देखते हुए ग्रामीण रातभर जागकर अपनी सुरक्षा में लगे रहे। कई स्थानों पर लोगों ने आग जलाकर हाथियों की निगरानी की और उन्हें आबादी से दूर खदेड़ने का प्रयास किया। ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों के झुंड ने काफी खेतों में खड़ी फसलें रौंद दीं। जिससे किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। धान की फसल बर्बाद होने से कृषक परिवार चिंतित हैं। कुछ स्थानों पर हाथी गांव की सीमा तक आ पहुंचे, जिससे घरों को भी खतरा उत्पन्न हो गया।

स्थानीय लोगों ने वन विभाग पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इतना बड़ा झुंड ग्राम के पास घूम रहा है, लेकिन वन विभाग का कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं दिखा। अपनी सुरक्षा हमें स्वयं करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि वे लगातार हाथियों की दिशा पर नजर रख रहे हैं ताकि कोई अनहोनी न हो। हाथियों के कारण उत्पन्न स्थिति से ग्राम में दहशत बनी हुई है।

Leave a Reply

Next Post

कुख्यात नक्सली के साले का दावा- 'सरेंडर करने गया था हिड़मा, धोखे से किया गया उसका एनकाउंटर'

शेयर करे छत्तीसगढ़ रिपोर्टर सुकमा 21 नवंबर 2025। देश के सबसे मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडर रहे माड़वी हिड़मा और उसकी पत्नी राजे के अंतिम संस्कार के साथ ही बस्तर के जंगलों में एक अध्याय समाप्त हो गया। सुरक्षा बलों के लिए यह एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है, खासकर तब जब हिड़मा […]

You May Like

प्रेम संबंध से नाराज होकर पिता बना हैवान....|....पीएफ खाता खुला नहीं, वेतन से 12% की कटौती....|....कटियाबाजों ने दिया 4.59 करोड़ का झटका....|....मणिकर्णिका घाट पर नाव से ले जा रहे शव, 566 परिवारों ने छोड़ा घर....|....पीएमएवाई सोसाइटी के नोटिस पर बवाल....|....मिनीमाता बांगो बांध मार्ग की बदहाली पर बवाल....|....मनेन्द्रगढ़ में नाले में मिला युवक का शव....|....दुनिया के 21 देशों में हर पांच में से एक बच्चा ऑनलाइन प्रताड़ित....|....अनाहत सिंह क्वार्टर फाइनल में....|....राशन दुकानों से शक्कर गायब, गरीबों की थाली से मिठास छीनकर जमाखोरों की जेब भर रही है सरकार - दीपक बैज