मकान किराए पर देने में हिंदू परिवार को प्राथमिकता, थाने पहुंची शिकायत

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
भोपाल, 04 सितंबर 2026। राजधानी भोपाल के पीएमएवाई आवासीय परिसर में फ्लैट किराए पर देने को लेकर जारी एक नियम ने विवाद खड़ा कर दिया है। हबीबगंज थाना क्षेत्र के 12 नंबर बस स्टॉप स्थित ब्लॉक सी-3 के सोसाइटी नोटिस में साफ लिखा है- किराये पर फ्लैट देने हेतु हिंदू परिवार को प्राथमिकता दें। नोटिस सामने आने के बाद इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं। मामले में एक रहवासी ने हबीबगंज थाने में शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता प्यारे खान उर्फ शमशो अहमद खान का आरोप है कि सोसाइटी द्वारा लगाए गए इस नोटिस के जरिए धर्म के आधार पर किरायेदार चुनने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने पुलिस से यह भी जांच करने की मांग की है कि नोटिस किसने लगाया और इसके पीछे किसकी मंशा थी।
मेंटेनेंस से लेकर पार्किंग तक नियम, विवाद सिर्फ एक लाइन पर
सोसाइटी की ओर से जारी नोटिस में रहवासियों के लिए कई नियम बताए गए हैं। इनमें हर फ्लैट मालिक या किरायेदार से 1000 रुपए मासिक रखरखाव शुल्क लेना, पार्किंग निर्धारित जगह पर करने, साफ-सफाई रखने, अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करने और रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक तेज आवाज नहीं करने जैसे निर्देश शामिल हैं। लेकिन इन तमाम नियमों के बीच किराये पर फ्लैट देने हेतु हिंदू परिवार को प्राथमिक दें वाली एक लाइन विवाद का कारण बन गई है। सवाल यह है कि सोसाइटी के सामान्य नियमों के बीच किरायेदार को धर्म के आधार पर प्राथमिकता देने का प्रावधान किस आधार पर जोड़ा गया? क्या सोसाइटी प्रबंधन को इस तरह की शर्त तय करने का अधिकार है?
शिकायतकर्ता बोला- माहौल बिगाड़ने की कोशिश
प्यारे खान ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि भोपाल शांति और सौहार्द के लिए जाना जाता है। उनके मुताबिक नोटिस में एक समुदाय विशेष को प्राथमिकता देने की बात लिखना आपत्तिजनक है और इससे सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता है। उन्होंने पुलिस से नोटिस की जांच कराने, इसे लगाने वाले लोगों की पहचान करने और उनकी मंशा की जांच करने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल मामला शिकायत के स्तर पर है। पुलिस की जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि नोटिस किसके निर्देश पर लगाया गया, सोसाइटी के निर्णय में यह शर्त किस आधार पर शामिल की गई और इसके पीछे क्या कारण था। इस विवाद ने आवासीय परिसरों में बनाए जाने वाले सोसाइटी नियमों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। रखरखाव, पार्किंग और सुरक्षा जैसे नियमों के साथ किसी व्यक्ति को मकान किराए पर देने में धर्म को आधार बनाना अब जांच का विषय बन गया है।


