रंजीतनगर में सर्वाधिक सेंधमारी, सात पर रिपोर्ट दर्ज

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
कानपुर, 04 सितंबर 2026। कानपुर में सख्ती के बावजूद कटियाबाज विभाग को चूना लगाने से नहीं चूक रहे हैं। अप्रैल से जुलाई तक कटियाबाजों ने 4.59 करोड़ की बिजली से अपने घरों में उजाला किया है। सर्वाधिक 17 फीसदी बिजली चोरी रंजीतनगर फीडर के क्षेत्र में हुई, जबकि सबसे कम आठ फीसदी बिजली चोरी इस्पातनगर व एमटीसी न्यू फीडर के इलाकों में हुई है।
हालांकि पिछले बार की तुलना में इस बार चोरी घटी है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में अप्रैल से जुलाई के बीच 28 फीसदी बिजली चोरी हुई थी। इससे केस्को को 12.08 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इस बार शहर में औसत बिजली चोरी 9.67 फीसदी रह गई है। हालांकि इस बार भी बिजली चोरी से 4.59 करोड़ का नुकसान हुआ है।
इतनी बिजली चोरी दर्ज हुई है
इस बार उप्र पावर कॉरपोरेशन की सख्ती के बाद केस्को ने निगरानी की। इसके बावजूद रंजीतनगर में सबसे ज्यादा 17 फीसदी, शहीद पार्क में 15, लक्ष्मीपुरवा व नानकारी में 14-14, बांसमंडी में 12, गंगागंज, कोआपरेटिव एस्टेट व होंडा में नौ-नौ और एमटीसी न्यू फीडर व इस्पातनगर में आठ-आठ प्रतिशत बिजली चोरी दर्ज हुई है।
रंजीतनगर में भी 13 फीसदी घटी कटियाबाजी
लाइन लॉस और बिजली चोरी का पता लगाने के लिए केस्को ने ट्रांसफार्मरों पर स्मार्ट मीटर लगाए हैं। इनकी मदद से पता चला है फीडर से कितनी बिजली जा रही है और कितनी बिलिंग हो रही है। पिछले साल इन्हीं चार माह में रंजीत नगर में 29.90 फीसदी बिजली चोरी हुई थी। इस बार 13 फीसदी बिजली चोरी कम हुई है। केस्को ओएसडी देवेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि बिजली चोरी वाले क्षेत्र के संबंधित अभियंताओं से जवाब मांगा जाएगा।
बिजली चोरी में सात के खिलाफ प्राथमिकी
केस्को ने गुरुवार को रंजीतनगर और नानकारी क्षेत्र में बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने सात लोगों को बिजली चोरी करते पकड़ा। नानकारी के परगही बांगर में माधुरी और नीरज के घर बिजली चोरी मिली। वहीं जेके मंदिर के पास लोहारन भट्टा में सूरज कुमार और राज तथा फीलखाना निवासी निखिल गुप्ता, आख्या गुप्ता और राहुल चौरसिया के घर भी चोरी से बिजली इस्तेमाल होती मिली। केस्को टीम ने सभी सात आरोपितों के खिलाफ बिजली चोरी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है।


