
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
जेनेवा, 04 सितंबर 2026। दुनियाभर में एक साल में दो करोड़ बच्चे ऑनलाइन यौन शोषण का शिकार हुए हैं। वहीं, 21 देशों में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले बच्चों में से हर पांच बच्चे ऑनलाइन प्रताड़ना का दंश झेलने को मजबूर हैं।
यूनिसेफ के हालिया अध्ययन के मुताबिक अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका और पूर्वी यूरोप के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किसी न किसी रूप में यौन शोषण का सामना करने वाले बच्चों की उम्र 12 से 17 साल है। यह आंकड़े 2020 से 2025 के बीच 21 देशों के लगभग 21,000 बच्चों पर किए गए सर्वेक्षणों पर आधारित हैं। इसमें केन्या, पाकिस्तान, ब्राजील और सर्बिया जैसे देश शामिल हैं।
सोशल मीडिया और गेमिंग खतरे के मुख्य केंद्र
रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 60 फीसदी मामले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हुए, जिनमें फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और टिकटॉक प्रमुख हैं। इसके अलावा, 14 फीसदी मामले ऑनलाइन गेमिंग के दौरान सामने आए। हैरान करने वाली बात ये है कि आधे से अधिक मामलों में पीड़ित बच्चे उस व्यक्ति को पहले से जानते थे, जिसमें दोस्त, रिश्तेदार या रोमांटिक पार्टनर शामिल थे।


