
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
जयपुर 22 फरवरी 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा है कि भारत के सामने आजादी के कई दशक बाद दुनिया में सम्मान वापस पाने का स्वर्णिम अवसर आया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक समाज हिंदू भावना में एकजुट रहेगा, तब तक दुनिया की कोई भी ताकत भारत को नुकसान नहीं पहुंचा सकती।
‘हमारे पूर्वजों ने हिंदू धर्म, संस्कृति और समाज की रक्षा के लिए दिए बलिदान’
शनिवार को जयपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने हिंदू धर्म, संस्कृति और समाज की रक्षा के लिए बड़े-बड़े बलिदान दिए हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत तकनीक, विज्ञान और आर्थिक क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और कई देशों के बराबर पहुंचने की कोशिश कर रहा है। उनके अनुसार, कुछ देश भारत को दबाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन अगर समाज एकजुट रहा तो भारत को कोई नहीं रोक पाएगा।
‘हिंदू समाज रहे सतर्क और संगठित’
होसबाले ने यह भी कहा कि आज दुनिया के कई देश तकनीक, उद्योग और आर्थिक ताकत में आगे हैं, लेकिन भारत भी तेजी से उस दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने इसे देश के लिए बड़ा अवसर बताते हुए लोगों से एकता बनाए रखने की अपील की। इसी तरह के विचार हाल ही में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भी व्यक्त किए थे। लखनऊ के निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सामाजिक समरसता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने हिंदू समाज को सतर्क रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को कोई खतरा नहीं है, लेकिन जनसंख्या में गिरावट और लालच या दबाव में होने वाले धर्मांतरण पर चिंता जताई।
RSS प्रमुख ने घुसैपठ पर जताई थी चिंता
मोहन भागवत ने ‘घर वापसी’ अभियान को तेज करने और हिंदू धर्म में लौटने वालों की देखभाल करने की बात कही। साथ ही उन्होंने अवैध घुसपैठ पर भी चिंता जताते हुए कहा कि घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर किया जाना चाहिए और उन्हें रोजगार नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी लोग एक ही देश और एक ही मातृभूमि के पुत्र हैं और मूल रूप से सब एक समान हैं। समय के साथ जो भेदभाव पैदा हुआ है, उसे खत्म करना जरूरी है। भागवत के मुताबिक, सनातन विचारधारा समरसता और एकता का संदेश देती है और इसे समझकर ही समाज में भेदभाव खत्म किया जा सकता है।


