करूर भगदड़ के बाद विजय के घर के बाहर कड़ी की गई सुरक्षा, TVK के दो पदाधिकारी और पत्रकार गिरफ्तार

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छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

करूर (तमिलनाडु) 30 सितंबर 2025। तमिलनाडु के नीलांकरई इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इसी इलाके में तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) पार्टी के प्रमुख विजय का घर है। पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बाहरी लोगों के इलाके में प्रवेश पर रोक लगा दी है। यहां तक कि कसीनो ड्राइव रोड पर नियमित रूप से टहलने वालों को भी अब वहां जाने की इजाजत नहीं है। यही सड़क विजय के घर की ओर जाती है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) डेविडसन देवसिरवथम ने बताया कि करूर भगदड़ मामले में शहर की पुलिस ने टीवीके के करूर पश्चिम जिला सचिव मथियाझगन को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही टीवीके के करूर शहर के पदाधिकारी पोनराज को भी गिरफ्तार किया है। पोनराज ने चुनाव प्रचार के लिए झंडे और फ्लेक्स लगा थे और उन्होंने कथित तौर पर मथियाझगन को अपने यहां छिपाया था। इसी आधार पर पोनराज को भी गिरफ्तार किया गया। इस मामले में एक यूट्यूबर और पत्रकार फेलिक्स जेराल्ड को भी चेन्नई में गिरफ्तार किया गया है। चेन्नई पुलिस ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है। करूर शहर पुलिस पोन राज और मथियाझगन को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले गई है।  शनिवार यानी 27 सितंबर को करूर के वेलुसामीपुरम में विजय की रैली के दौरान भगदड़ मची थी। जिसमें 41 लोगों की जान चली गई और 60 से अधिक लोग घायल हुए। सोमवार को एक 60 वर्षीय महिला की उपचार के दौरान मौत हुई।

भगदड़ में हुई 41 लोगों की मौत मामले में दर्ज प्राथमिकी में टीवीके के तीन पदाधिकारियों के नाम है, जिसमें  जिला सचिव मथियाझगन, प्रदेश महासचिव बुसी आनंद और उप महासचिव निर्मल कुमार का नाम शामिल है। इन पदाधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की चार धाराएं लगाई गई हैं, जिसमें धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या), धारा 110 (गैर-इरादतन हत्या का प्रयास), धारा 125 (दूसरों के जीवन को खतरे में डालना) और धारा 223 (आदेश की अवहेलना) के तहत का आरोप हैं। इतना ही नहीं मामले में तमिलनाडु सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 1992 की धारा तीन के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।

प्राथमिकी में विजय भी आरोपी
इसके साथ ही प्राथमिकी में यह भी कहा गया है कि पार्टी अध्यक्ष विजय जानबूझकर रैली में देर से पहुंचे, जिससे भीड़ में बेचैनी बढ़ी और अफरा-तफरी मची। पुलिस की चेतावनियों के बावजूद पार्टी कार्यकर्ताओं ने भीड़ को संभालने की जिम्मेदारी नहीं निभाई। कई लोग टिन की छतों और पेड़ों पर चढ़े हुए थे, जो नीचे खड़े लोगों पर गिर पड़े, जिससे दम घुटने और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और अन्य दोषियों की तलाश जारी है।

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