
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
नई दिल्ली 11 जून 2025। स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लिया है और हमलोग उनके इस संकल्प को पूरा करने के लिए दिन रात लगे हुए हैं। इसी के तहत यह नशा मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है, जो 10 जून से शुरू हो चुका है और इसका भव्य समापन 26 जून को मोरहाबादी मैदान में किया जाएगा। इसी के तहत इस कार्यशाला का भी आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से जागरूकता प्रचार वाहनों को भी रवाना किया जा रहा है, जो सभी जिलों में जाकर लोगों को नशा के दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक करेगा। डॉ अंसारी मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में नशा मुक्ति अभियान के तहत आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने गृह विभाग और सूचना जनसंपर्क विभाग के सहयोग से तैयार मादक पदार्थों के दुरुपयोग से संबंधित पुस्तिका का विमोचन भी किया, साथ ही कार्य़शाला में स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी सहित उपस्थित पदाधिकारी एवं कर्मचारियों ने नशा मुक्त भारत बनाने हेतु शपथ ली। डॉ अंसारी ने कार्यक्रम के उपरांत प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखा कर रवाना भी किया ।
नशा मुक्ति अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से बाहर निकालना
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और लोगों को नशे की लत से बाहर निकालना है। आज से इस अभियान की शुरुआत हो रही है। अभियान के तहत सभी जिलों में प्रचार वाहन जाएंगे, स्कूलों और कॉलजों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। झारखंड के विभिन्न जिलों खासकर रांची,खूंटी में अफीम की खेती की रोकथाम हेतु कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि निषिद्ध मादक पदार्थों के दुरुपयोग पर रोक लगाना बहुत जरूरी है। हमारा प्रयास जारी है और हमने काफी हद तक इसमें रोक लगाने में सफलता भी पाई है,लेकिन हमारा लक्ष्य अफीम की खेती को पूरी तरह से खत्म करना है। अफीम की खेती का बड़े पैमाने पर विनष्टीकरण किया गया है, यह सरकार की उपलब्धि है।नशा सामाजिक, मानसिक और आर्थिक रूप से लोगों को बर्बाद कर रहा है।
नशे के दुष्परिणाम के बारे में जागरूक करने की है जरूरत
डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य में 10,134 मेडिकल स्टोर में 4,000 से अधिक स्टोरों में सीसीटीवी का प्रावधान किया जा चुका है, शेष में लगाने की प्रक्रिया चल रही है। झारखंड में सबसे ज्यादा युवा नशे की चपेट में है। हमें झारखंड के लोगों को नशे की चपेट से बाहर निकलना है। उन्होंने गुटखा खाने के दुष्परिणाम के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि लोगों को नशे के दुष्परिणाम के बारे में जागरूक करने की जरूरत है।
स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर्स को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है हमारी सरकार
डॉ इरफान अंसारी ने कहा झारखंड को जल्द ही हम रिम्स 2 की सौगात देने जा रहे हैं। साथ ही यहां 6 नये मेडिकल कॉलेज और 2 टेस्टिंग लैब भी खुलेंगे। ताकि यहां के लोगों को बाहर इलाज के लिए परेशान न होना पड़े। उन्होंने कहा कि नशा सभी बीमारियों की जड़ है, नशे के चक्कर में पड़ कर युवा कम उम्र में ही इसकी गिरफ्त में पड़ कर अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। हमें उन्हें जागरूक करना होगा। यह सिर्फ 14 दिन का कार्यक्रम नहीं है बल्कि यह कार्यक्रम पूरे साल भर चलना चाहिए। । मीडिया से अनुरोध है कि जागरूकता अभियान को फोकस करें और लोगों को भी जागरूक करें।
लोगों को जागरूक करने में मीडिया का रोल अहम
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार ने कहा कि मादक पदार्थों का दुरुपयोग पूरे समाज में फैल गया है। युवा वर्ग इसके सेवन के आदी हो चुके हैं। ये कैंसर की तरह समाज में फैल रहा है, फिर भी हम इस खुल कर बात नहीं कर पा रहे। हमें लोगों को इसके दुष्परिणाम के बारे में बताना होगा। जनजागरूकता के माध्यम से हमें उन युवाओं और बच्चों को समझाना है न कि डंडे के माध्यम से। हमें हाई स्कूल स्तर से ही इस दिशा में काम करने की जरूरत है। छोटी उम्र के बच्चों और युवाओं के बीच जागरूकता अभियान चलाना है। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला के माध्यम से जानकारी दी जाएगी कि कैसे नशा मुक्ति से रोकने हेतु कार्य करना है। बड़े शहरों में जैसे रांची ,जमशेदपुर, धनबाद, पलामू,बोकारो आदि में ड्रग्स का कारोबार बढ़ रहा है, इनके नेटवर्क को तोड़ने की जरूरत है। जो सिर्फ थाना स्तर पर संभव नहीं है, इस पर जिला और मुख्यालय स्तर पर काम करने की जरूरत है। मीडिया का भी इसमें अहम रोल है ताकि ऐसे लोगों के चेहरों को उजागर किया जा सके, जो नशे के कारोबार में लिप्त हैं।
उन्होंने कहा कि ड्रग्स के संबंध में कानून के बारे में जानकारी दी जाएगी कि दवा दुकान से किन परिस्थिति में आपको ड्रग्स दी जाएगी। अभी दवा दुकानों में सीसीटीवी लगाने की कार्ययोजना है। जल्द ही विभाग एक पोर्टल तैयार करेगा जिसमें सभी रेगुलेटेड दवाओं की जानकारी समाहित रहेगी। ड्रग्स लेने वाले लोगों का ट्रीटमेंट भी किया जाएगा। राज्य के दो महत्वपूर्ण संस्थान जिसमें एक रिनपास और दूसरा सीआईपी में ऐसे लोगों का ट्रीटमेंट कराया जाता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय पर कार्यशाला का आयोजन जिला और प्रखंड स्तर भी होगा।


