
छत्तीसगढ़ रिपोर्टर
नई दिल्ली 10 जून 2025। देश का कृषि उत्पादन पिछले 10 साल में 40 फीसदी बढ़ा है। वहीं, 2024-25 की चौथी तिमाही में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर बढ़कर 5.4 फीसदी पहुंच गई, जबकि दुनिया में एक-दो फीसदी की वृद्धि भी बड़ी मानी जाती है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 9 जून एक ऐतिहासिक दिन है। यह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ है, जो उपलब्धियों से भरा है। अगर कृषि के नजरिये से देखें, तो यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि, नीतियों और कार्यक्रमों के बेहतर कार्यान्यवन से कृषि क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार के विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम में चौहान ने कहा, देश ने गेहूं, धान, सोयाबीन, मूंगफली और अन्य फसलों के उत्पादन में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। अनाज की कोई कमी नहीं है। भंडार भरे हुए हैं और भारत अन्य देशों को निर्यात कर रहा है।
कृषि मंत्री ने रिकॉर्ड अनाज उत्पादन के लिए प्रधानमंत्री मोदी, किसानों और वैज्ञानिकों को बधाई दी। खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, किसानों की आय बढ़ाने, पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने और मृदा स्वास्थ्य की सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, कृषि वैज्ञानिकों को किसानों के साथ बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। 2,170 वैज्ञानिकों का दल देशभर के गांवों का दौरा कर रहा है।
पाकिस्तान से संघर्ष लंबा चलता तो भी चिंता नहीं
चौहान ने कहा, उन्होंने हाल ही में भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान अनाज का जायजा लेने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की थी। उन्हें बताया गया कि गोदाम भरे हुए हैं। अगर पाकिस्तान के साथ संघर्ष लंबा भी चलता है, तो चिंता की कोई बात नहीं है।
खरीफ सीजन 2025-26 में भी रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद
चौहान ने कहा, अगले महीने से शुरू होने वाले 2025-26 के खरीफ सीजन के दौरान अनाज उत्पादन का नया रिकॉर्ड बनने की उम्मीद है। इसकी प्रमुख वजह मानसून की बारिश सामान्य से अधिक रहने का पूर्वानुमान है। कृषि मंत्रालय के तीसरे अनुमान के मुताबिक, 2024-25 के खरीफ सीजन में देश का अनाज उत्पादन रिकॉर्ड 16.80 करोड़ टन तक पहुंच गया है। 2014-15 से खरीफ अनाज उत्पादन में 31.23 फीसदी की वृद्धि हुई है।
15 दिवसीय अभियान से मिलेगी मदद
देशभर में 15 दिवसीय राष्ट्रव्यापी विकसित कृषि अभियान का नेतृत्व कर रहे कृषि मंत्री ने कहा, मौजूदा अभियान से खरीफ सीजन में कृषि उत्पादन को और बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि हम किसानों की चिंताओं को दूर करने के साथ उन्हें नई तकनीकों और व्यवहार के बारे में शिक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, अब तक 10 राज्यों की यात्रा के दौरान किसानों से पता चला है कि कुछ क्षेत्रों में मौजूदा फसल किस्मों ने उभरते कीटों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर ली है। किसानों ने नकली कीटनाशकों के बारे में भी चिंता जताई और कीमतों में गिरावट के दौरान अधिक सुरक्षा की मांग की। इन सुझावों के आधार पर लघु, मध्यम एवं दीर्घकालिक कार्यान्वयन के लिए अनुसंधान योजनाएं और नीतियां विकसित की जाएंगी।


