‘सरकार नगा राजनीतिक मुद्दे के जल्द समाधान को लेकर चिंतित’, सीएम रियो बोले- गतिरोध जारी नहीं रह सकता

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छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

कोहिमा 05 मार्च 2025। नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने कहा कि राज्य सरकार और लोग नगा राजनीतिक मुद्दे के जल्द समाधान को लेकर चिंतित हैं। वह नहीं चाहते की गतिरोध जारी रहे। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान रियो ने कहा कि कई सदस्यों ने नगा राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा की, जो सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, ‘हम इस गतिरोध में नहीं रह सकते। नगा लोगों की इच्छा है कि एक सम्मानजनक, समावेशी और स्वीकार्य समाधान जल्द सामने आए।’
 
नगा-संक्रमित क्षेत्रों के एकीकरण पर जताई चिंता

मुख्यमंत्री रियो ने नगा-संक्रमित क्षेत्रों के एकीकरण पर चिंता व्यक्त की। साथ ही केंद्र से आग्रह किया कि नगालैंड को विदेश मंत्रालय के अधीन किया जाए। उन्होंने एनपीएफ विधायक अचुंबेमो किकोन की सराहना की, जिन्होंने इस सुझाव को उठाया।उन्होंने बताया कि 16 सूत्री समझौते के अनुसार, नागाओं को विदेश मंत्रालय के अधीन रखा गया था, लेकिन 1972 में इसे गृह मंत्रालय में स्थानांतरित कर दिया गया। 

नगा आबादी वाले क्षेत्रों के एकीकरण के लिए आठ प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने सदन को यह भी बताया कि विधानसभा ने 1962 से 2021 के बीच नगा-आबादी वाले क्षेत्रों के एकीकरण का समर्थन करते हुए कम से कम आठ प्रस्ताव पारित किए हैं। उन्होंने नागरिक समाज संगठनों और पूर्व सांसदों के साथ परामर्श में पारित प्रस्तावों की भी सराहना की।

एके मिश्रा विभिन्न समूहों से मिल रहे, लेकिन राज्य सरकार को जानकारी नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नगा राजनीतिक मुद्दे के शीघ्र समाधान और एकीकरण पर चर्चा जारी रखेगी। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र के वार्ताकार एके मिश्रा नगालैंड आकर विभिन्न समूहों से मिल रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार को वार्ता की स्थिति के बारे में जानकारी नहीं है।

रियो ने अमित शाह से मिलने का इरादा व्यक्त किया
रियो ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने का इरादा व्यक्त किया, ताकि नगा राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा की जा सके। उन्होंने कहा, ‘मैं अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ उनसे (मिश्रा) उचित समय पर मिलने का इरादा रखता हूं और साथ ही, मैं हमारे नागा राष्ट्रवादी समूहों के साथ परामर्श के बाद नागा राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने का भी इंतजार कर रहा हूं।’

1997 से नागा समस्या के समाधान की चल रही बात
केंद्र और एनएससीएन-आईएम ने 1997 में संघर्ष विराम पर हस्ताक्षर किए, तब से नगा समस्या के शीर्घ राजनीतिक समाधान के लिए बातचीत चल रही है, लेकिन नागाओं के लिए अलग ध्वज और संविधान की मांग को अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है, जिसके कारण वार्ता में ठहराव आया है। एनएससीएन-आईएम ने कहा है कि वह अलग ध्वज के बिना किसी समाधान को स्वीकार नहीं करेगा, जबकि डब्ल्यूसी एनएनपीजी ने बातचीत जारी रखने की इच्छा व्यक्त की है।

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