भूपेश बघेल 36 हजार वोटों से पीछे, भाजपा के संतोष निकले आगे

शेयर करे

छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

राजनांदगांव 04 जून 2024। लोकसभा चुनाव के लिए मतदान के बाद आज मतगणना हो रही है। रुझानों में एनडीए बहुमत का आंकड़ा पार कर चुका है लेकिन इंडिया गठबंधन को भी अच्छी खासी सीटें मिल रही हैं। दोनों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। दोपहर बाद तस्वीरें साफ हो पाएंगी। दोपहर डेढ़ बजे तक चुनाव आयोग के मुताबिक, भूपेश बघेल को 344424 वोट मिले वहीं भाजपा के संतोष पांडेय को 380456 वोट मिले हैं। संतोष 36032 वोटों से आगे हैं। इधर छत्तीसगढ़ की राजनांदगांव सीट से राज्य के पूर्व सीएम भूपेश बघेल मैदान में हैं  जिसके चलते सब की निगाहें  इस सीट पर बनी हुई हैं। काफी दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। बीजेपी ने मौजूदा सांसद संतोष पांडेय पर दांव खेला है। वोटों कि गिनती जारी है फिलहाल यहां से भाजपा के संतोष पांडेय आगे चल रहें हैं।

राजनांदगांव से प्रदेश के पूर्व सीएम और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह विधायक चुने गए हैं, इस लिहाज से भी यह सीट खास हो जाती है।  बीजेपी के संतोष पांडेय यहां से सांसद हैं। इतना ही नहीं बीजेपी ने यहां से लगातार 4 बार जीत हासिल की है। राजनांदगांव लोकसभा सीट में 8 विधानसभा क्षेत्र आते हैं, जिसमें राजनांदगांव, खुज्जी, मोहला मानपुर, डोंगरगांव, खैरागढ़, डोंगरगढ़, कवर्धा और पंडरिया शामिल हैं। 

पिछले चुनाव के परिणाम
राजनांदगांव लोकसभा सीट में हुए पिछले पांच चुनावों में बीजेपी ने यहां से जीत हासिल की है।  हालांकि बीच में एक उपचुनाव हुआ जिसमें कांग्रेस को जीत मिली थी। 1999 में इसी सीट से डॉ. रमन सिंह जीते थे। 2004 में प्रदीप गांधी को जीत हासिल हुई थी, फिर 2007 के उपचुनाव में कांग्रेस के देवव्रत सिंह ने जीत दर्ज की थी। 2009 में मधुसूदन यादव यहां से सांसद बने। फिर 2014 में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह यहां से सांसद बने। 2019 में बीजेपी ने संतोष पांडे को मौका दिया और वह सांसद बने।

गौरवशाली रहा है राजनांदगांव का इतिहास

राजनांदगांव का इतिहास काफी गौरवशाली रहा है। इसे छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी भी कहा जाता है यहां पर प्रसिद्ध राजवंशों जैसे सोमवंशी, कालचुरी बाद में मराठाओं द्वारा शासन किया गया था। पहले राजनांदगांव को नंदग्राम कहा जाता था।  1973 में राजनांदगांव को दुर्ग जिले से अलग करके नया जिला बनाया गया था फिर 1998 में इसके कुछ हिस्सें को अलग कर कबीरधाम जिला बना। खैरागढ़ में इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय है तो डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी का विश्व प्रसिद्ध मंदिर है। यहीं पर बौद्ध धर्म के अलावा जैन धर्म का भी बड़ा धार्मिक स्थल भी है। 

Leave a Reply

Next Post

छत्तीसगढ़ लोकसभा चुनाव परिणाम 2024; 11 सीटों पर बीजेपी-कांग्रेस प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला आज

शेयर करे छत्तीसगढ़ रिपोर्टर रायपुर 04 जून 2024। छत्तीसगढ़ के 11 लोकसभा क्षेत्रों के बीजेपी और कांग्रेस प्रत्याशियों के किस्मत का आज फैसला हो जायेगा। साल 2024 के लोकसभा चुनाव के रण में कौन बाजी मारेगा और कौन हारेगा। ये तस्वीर भी आज शाम तक धीरे-धीरे साफ हो जायेगी। फिलहाल, […]

You May Like

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिले 3 अतिरिक्त जज, तीनों ने ली शपथ....|....योग हमारे देश की बहुत प्राचीन विधा : सीएम विष्णुदेव साय....|....हार्दिक पंड्या को इस खिलाड़ी ने दी टक्कर, सिर्फ 21 दिन में T20 गेंदबाजों की रैंकिंग में लगाई धमाकेदार छलांग, गर्लफ्रेंड नताशा से की शादी....|....'महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए बनाए जा रहे कानून’ केंद्र सरकार पर बिफरे पूर्व सीएम गहलोत....|....मंत्री चमरा लिंडा बोले- संस्कृति बचानी है तो मांदर-नगाड़ा पर नृत्य करें, DJ और आधुनिक गीतों पर नहीं....|....गृहमंत्री विजय शर्मा की नक्सलियों को दो टूक; वार्ता के लिए सरकार तैयार पर कोई शर्त मंजूर नहीं, अगर.......|....ओडिशा में शुरू होगी आयुष्मान भारत योजना, 3.52 करोड़ लोगों को होगा लाभ; सीएम माझी का बड़ा एलान....|....' दशकों पहले की गई मणिपुर की जनसांख्यिकीय बदलाव की शुरुआत', पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह का दावा....|....बंगाल में 25000 शिक्षकों की भर्ती रद्द करने का फैसला बरकरार, हाईकोर्ट के आदेश में दखल से 'सुप्रीम' इनकार....|....अप्रैल में मनेगा जश्न ही जश्न, 5 साल पूरे होने पर फीलमची भोजपुरी पर शुरू हो रहा है धमाकेदार एंटरटेनमेंट फेस्टिवल