बालासोर ट्रेन हादसा,​​​​​​​ 28 लावारिस शवों का अंतिम संस्कार हुआ:3 महिलाओं ने मुखाग्नि दी, कहा- हो सकता है वे पूर्वजन्म के संबंधी हों

Chhattisgarh Reporter
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छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

बालासोर 11 अक्टूबर 2023। ओडिशा के बालासोर ट्रेन हादसे के 4 महीने बाद 28 लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। भरतपुर शवागार में मंगलवार शाम से शुरू हुई प्रक्रिया बुधवार सुबह पूरी हो गई। इस दौरान CBI के अधिकारी भी मौजूद रहे। AIIMS भुवनेश्वर ने नगर निगम को सभी डेड बॉडी डिस्पोज करने की जिम्मेदारी दी थी। पहले तीन शवों को तीन महिलाओं ने मुखाग्नि दी। मधुमिता प्रुस्टी (37), स्मिता मोहंती (53) और स्वागतिका राव (34) ने बताया- ये शव पुरुषों के थे या महिलाओं के, इनका धर्म या जाति क्या थी हम नहीं जानते। वे इंसान थे और इसी नाते हमने उन्हें सम्मान के साथ विदा किया। हो सकता है ये लोग पूर्वजन्म में हमारे संबंधी रहे हों।

BMC की मेयर सुलोचना दास ने बताया- ये शव पिछले चार महीने से डीप फ्रीजर में रखे-रखे बर्फ में तब्दील हो गए थे। पहचान करना मुश्किल था कि शव महिला का है या पुरुष का। शवों को मुखाग्नि देने और बाद में फूल चुनने के लिए एक NGO की मदद ली गई।

इसी साल 2 जून को बालासोर में 3 ट्रेनों की टक्कर में 297 लोगों की मौत हुई थी। इसमें 269 शवों को उनके घरवाले ले गए। कई लोगों की पहचान DNA टेस्ट के आधार पर की गई। हालांकि, जून से 28 शव AIIMS में ही रखे हुए थे। इन शवों को पारादीप पोर्ट ट्रस्ट से खरीदे गए 5 डीप फ्रीजर कंटेनरों में रखा गया था।

कंटेनर में बर्फ में तब्दील हो गए थे शव, पहचान करना मुश्किल था
मेयर सुलोचना ने बताया कि ये शव पिछले चार महीने से डीप फ्रीजर में रखे-रखे बर्फ में तब्दील हो गए थे। ये पहचान करना मुश्किल था कि शव महिला का है या पुरुष का। शवों को मुखाग्नि देने और बाद में फूल चुनने के लिए एक NGO की मदद ली गई।

तीनों आरोपी जानते थे कि उनकी लापरवाही से हादसा हो सकता है: CBI
चार्जशीट में जिन तीन रेलवे अफसरों के नाम हैं उनके बारे में CBI ने जुलाई में कहा था कि तीनों जानते थे कि उनकी लापरवाही से बड़ा हादसा हो सकता है। दुर्घटना की जांच कर रहे रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) ने जुलाई के शुरुआती हफ्ते में हादसे के लिए सिग्नलिंग विभाग के कर्मचारियों की मानवीय भूल को जिम्मेदार ठहराया था।

बिना अप्रूवल पटरी रिपेयरिंग की वजह से हादसा हुआ
CBI ने भुवनेश्वर की स्पेशल कोर्ट में 24 अगस्त को अपनी रिपोर्ट पेश की थी। इसमें जांच एजेंसी ने बताया कि पटरी पर बिना अप्रूवल हो रहे मरम्मत कार्य की वजह से ट्रेन हादसा हुआ था।

इससे पहले बहनागा बाजार स्टेशन के लेवल क्रॉसिंग गेट नंबर 94 पर बिना मंजूरी के मरम्मत का काम किया गया था। CBI ने कहा कि सीनियर डिविजनल सिग्नल और टेलिकॉम इंजीनियर की मंजूरी के बिना ही वहां रिपेयरिंग वर्क हुआ था। इसके लिए सर्किट डायग्राम भी पास नहीं कराया गया था।

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