सुक्खू सरकार बड़ा फैसला लेने की तैयारी में : हिमाचल में इसी सत्र से कम छात्र संख्या वाले 1500 स्कूल होंगे बंद

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छत्तीसगढ़ रिपोर्टर

शिमला 05 मार्च 2023। हिमाचल प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र से कम छात्र संख्या वाले करीब 1,500 सरकारी स्कूल बंद होंगे। स्कूलों में विद्यार्थियों की कम संख्या के चलते प्रदेश की सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार बड़ा फैसला लेने की तैयारी में है। 10 से लेकर 25 छात्र संख्या वाले प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च, वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों को बंद करने का प्रस्ताव तैयार हुआ है। कैबिनेट की आगामी बैठक में इसको लेकर फैसला होगा। इन स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों, शिक्षकों व गैर शिक्षकों को साथ लगते स्कूलों में समायोजित किया जाएगा। स्कूलों के खाली भवनों को ग्राम पंचायतों, महिला मंडलों या युवक मंडलों को दिया जाएगा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि विद्यार्थियों की कम संख्या वाले स्कूलों को चलाने की जगह साथ लगते स्कूलों को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। शिक्षा विभाग की ओर से तैयार प्रस्ताव में 10 से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले प्राथमिक, 15 से कम संख्या वाले माध्यमिक, 20 से कम संख्या वाले उच्च और 25 से कम संख्या वाले वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों को साथ लगते स्कूलों में समायोजित करने की सिफारिश की गई है।

ऐसे स्कूलों की प्रदेश भर में संख्या करीब 1,500 है। प्रदेश सरकार ने आर्थिक तंगी को देखते हुए इस प्रस्ताव को तैयार करवाया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में ऐसे कई स्कूल हैं, जहां सिर्फ दो से चार विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए चार से पांच शिक्षक नियुक्त हैं। शिक्षा मंत्री के पास ऐसी कई शिकायतें पहुंची हैं। इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए 10 से 25 विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों की सूची तैयार की जा रही है। कैबिनेट बैठक में इस बाबत मंजूरी मिलते ही इन स्कूलों को बंद कर दिया जाएगा।

शून्य दाखिलों वाले 292 स्कूल, 60 से कम विद्यार्थियों वाले 18 कॉलेज होंगे डिनोटिफाई
भाजपा सरकार के समय 1 अप्रैल, 2022 के बाद अपग्रेड हुए या नए खुले 308 सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को भी बंद किया जाएगा। सुक्खू सरकार ने शून्य दाखिले वाले 292 स्कूल और 60 से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले 18 कॉलेजों को डिनोटिफाई करने का फैसला लिया है। जल्द ही इसकी अधिसूचना जारी होगी। भाजपा सरकार के समय खुले 24 डिग्री कॉलेजों में से 18 कॉलेजों को बंद किया जा रहा है। इन कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या शून्य से 35 के बीच ही रही। सरकार ने बनीखेत, रिड़कमार, छत्तरी, कुपवी, नौहराधार और सुबाथू कॉलेज को जारी रखने का फैसला लिया है।

सरकार ने स्वारघाट, बलसीना, मसरूंड, गलोड़, लंबलू, बरांडा, कोटला, चढि़यार, पंगणा, पंडोह, बागा चनौगी, जलोग, शिंगला, सतौन, ममलीग, चंडी, बरूणा और संस्कृत कॉलेज जगतसुख को बंद करने का फैसला किया है।

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